Issue of Old Pension Scheme to liven up after Lok sabha elections

| May 12, 2019
लोकसभा चुनाव के बाद गरमाएगा पुरानी पेंशन का मुद‌्दा, नयी पेंशन स्कीम का पुरजोर होगा विरोध

23 मई के बाद आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेंगे कर्मचारी संगठन• एनबीटी संवाददाता, लखनऊ : चुनाव के बाद फिर पुरानी पेंशन का मुद‌्दा उठने वाला है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद समेत बाकी संगठन इसकी तैयारी में लगे हैं। कर्मचारी संगठनों का दावा था कि आचार संहिता की वजह से आंदोलन रोकना पड़ा था, लेकिन 23 मई के बाद एक बार फिर आंदोलन की नई रूप रेखा तैयार की जाएगी।








राज्य कर्मचारी महासंघ सतीश पांडेय गुट के अध्यक्ष सतीश पांडेय बताते हैं कि पुरानी पेंशन को लेकर आंदोलन नहीं रोका जाएगा। यह कर्मचारियों का हक है। जल्द ही सभी संगठनों के साथ बैठक बुलाई जाएगी। इससे कि जून और जुलाई में आंदोलन चलाया जा सके। वहीं, उप्र चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष रामराज दुबे ने बताया कि महासंघ पुरानी पेंशन के साथ रिक्त पदों को भरने समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन करेगा।




बताया कि पूरे प्रदेश में केवल चतुर्थ श्रेणी के तीन लाख से ज्यादा पद खाली पड़े हैं। इसको लेकर कई बार पत्र लिखा गया, यहां तक की कोर्ट का भी आदेश है कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से विभाग की गोपनीयता का खतरा है। इसके बावजूद अभी तक एक भी नियुक्ति नहीं हो पाई है। वहीं, विद्युत सुरक्षा निदेशालय मिनिस्टिरियल असोसिएशन के अध्यक्ष सुरेन्द्र श्रीवास्तव भी आंदोलन की बात कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 23 मई के बाद सभी संगठनों के साथ बैठक कर आंदोलन पर चर्चा की जाएगी।
चुनाव बाद गरमाएगा पुरानी पेंशन का मुद‌्दा

नई और पुरानी पेंशन में ये है अंतर, इसलिए मच रहा है बवाल, यहां जानिए पूरी सच्चाई

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए नई पेंशन स्कीम लागू की है। इस व्यवस्था के तहत पेंशन के लिए कर्मचारियों के वेतन से 10 फीसदी की कटौती की जाती है। इतनी ही सहयोग सरकार करती है। अब सरकार ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 14 फीसदी कर दी है। लेकिन कर्मचारी इससे संतुष्ट नहीं हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार पुरानीं पेंशन व्यवस्था को लागू करे। इसको लेकर कई केंद्रीय कर्मचारी संगठन और राज्य कर्मचारियों के संगठन आंदोलन भी चला रहे हैं। आइए आपको बताते हैं कि पुरानी पेंशन और नई पेंशन स्कीम में क्या अंतर है।




– पुरानी पेंशन के लाभार्थियों को जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) की सुविधा मिलती है।
– पुरानी पेंशन के तहत कर्मचारियों के वेतन से कोई कटौती नहीं होती है।
– पुरानी पेंशन के लाभार्थियों को अंतिम वेतन के 50 फीसदी के बराबर गारंटीड पेंशन मिलती है।
– पुरानी पेंशन पूरी तरह से सरकार द्वारा दी जाती है।
– पुरानी पेंशन में विवाद होने पर सरकार के खिलाफ केस किया जाता है।
– पुरानी पेंशन वालों को रिटायरमेंट पर अंतिम वेतन के अनुसार 16.5 गुना राशि ग्रेच्युटि के रूप में मिलती है।
– पुरानी पेंशन वालों को ड्यूटी में मृत्यु पर डेथ ग्रेच्युटी मिलती है। 7वें वेतन आयोग के बाद यह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख कर दी गई है।
– पुरानी पेंशन व्यवस्था के तहत कर्मचारी की सेवाकाल में मौत होने पर परिजनों को पारिवारिक पेंशन मिलती है।
– पुराने पेंशन वालों को महंगाई भत्ता और वेतन आयोगों का भी लाभ मिलता है।
– पुरानी पेंशन वालों को GPF पर लोन की सुविधा मिलती है।
– पुरानी पेंशन स्कीम में जीपीएफ की निकासी पर कोई इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता है।
– GPF के लिए एक निश्चित ब्याज दर निर्धारित होती है।

Category: News, NPS

About the Author ()

Comments are closed.