नयी पेंशन के विरोध और पुरानी पेंशन के लिए आंदोलन का एलान

| May 10, 2019

उत्तर प्रदेश राज्य कल्याण निगम के 700 कर्मचारियों का बीते 15 महीने से वेतन नहीं मिल रहा है। जीएसटी में राज्यांश की छूट की मांग भी पूरी नहीं हो सकी है। कर्मचारियों को दूसरे निगमों में सशर्त समायोजित किया जा रहा है, जबकि कर्मचारी अपने भविष्य को सुरक्षित करवाने के लिए विभाग में बिना किसी शर्त के स्थानांतरण या वीआरएस चाहते हैं। इन प्रकरणों के संबंध में शासन स्तर पर 8 मई को बैठक प्रस्तावित थी, जिसे स्थगित कर दिया गया। इससे कर्मचारियों में नाराजगी है। कर्मचारियों के मुताबिक आचार संहिता हटने के बाद आंदोलन का निर्णय लिया जा सकता है।








राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री शिवबरन सिंह यादव ने कहा कि सरकार के ढुलमुल रवैये से कर्मचारियों में जबरदस्त रोष है। सरकार ने जल्द इस दिशा में सकारात्मक फैसला नहीं लिया तो कर्मचारी प्रदेशस्तरीय आंदोलन को विवश होंगे। उत्तर प्रदेश कर्मचारी कल्याण निगम, कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि इटावा कलेक्ट्रेट और फिरोजाबाद डिपो के कर्मचारियों का तो 5 साल से वेतन बकाया है। महामंत्री हैदर अली अंसारी ने कहा कि प्रदेश में 161 डिपो और 13 फैमिली बाजार हैं।
बैठक स्थगित होने पर कल्याण निगम के कर्मियों में बढ़ी नाराजगी.




रिटायर होने के बाद पेंशन और भत्ते रोके जाने को लेकर आवास एवं विकास परिषद के कर्मचारी संगठनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। गुरुवार को परिषद से जुड़े 10 संगठनों ने मिलकर 23 मई के बाद आंदोलन करने का निर्णय लिया है।

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि शासनादेश के मुताबिक रिटायर होने से 34 महीने पहले तक के कार्यकाल की ही जांच होनी चाहिए, जबकि वित्त नियंत्रक (एफसी) कार्यालय पूरे कार्यकाल की जांच कर रहा है। पेंशनर्स वेलफेयर असोसिएशन के उपाध्यक्ष एसपी तिवारी ने आरोप लगाया कि वित्त नियंत्रक कार्यालय ने शासनादेश का पालन करने के बजाय अपनी तरफ से आपत्ति लगाकर पेंशन समेत सभी भुगतान रोक दिए हैं। इस कारण लगभग 400 कर्मचारी दर-दर भटक रहे हैं। असोसिएशन के उप महासचिव गोविंद बल्लभ के मुताबिक, एफसी धर्मेंद्र वर्मा और वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी जनार्दन पांडेय आवास आयुक्त को गुमराह कर रहे हैं। ऐसे में 23 मई के बाद किसी भी दिन मुख्यालय का घेराव कर धरना प्रदर्शन होगा।




ये हुए बैठक में शामिल

आवास एवं विकास परिषद मुख्यालय में गुरुवार को हुई बैठक में कर्मचारी संघ, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ, वाहन चालक संघ, प्राविधिक संघ, मिनिस्टीरियल स्टाफ असोसिएशन, लेखा संघ, लेखाधिकारी संघ, डिप्लोमा इंजिनियरिंग असोसिएशन, इंजिनियर्स असोसिएशन और पेंशनर्स वेलफेयर असोसिएशन के पदाधिकारी शामिल हुए।
पेंशन, भत्ते रुकने पर आंदोलन का ऐलान
शिक्षकों और
रिटायर होते वक्त ही पे स्केल की याद क्यों आ रही है/ अगर इतने बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों की आशंका है तो सभी कर्मचारियों की जांच क्यों नहीं करवाई जा रही है/ काम करते वक्त जो पे स्केल सही है, वह रिटायर होते ही गलत कैसे हो जाता है/-

राजमणि मिश्रा, अध्यक्ष, मिनिस्टीरियल स्टाफ असोसिएशन
आवास विकास परिषद के 10 कर्मचारी संगठन हुए लामबंद

Category: Indian Railways, News

About the Author ()

Comments are closed.