‘उम्मीद’ रेलकर्मियों के लिए संजीवनी, ‘उम्मीद’ रेलकर्मियों के लिए संजीवनी

| May 9, 2019

रेलवे कर्मचारी या उसके परिवार के सदस्य को देश में कही भी बीमार होने पर ‘उम्मीद’ कार्ड संजीवनी का काम करेगा। बीमार कर्मचारी या परिवार के सदस्य किसी भी प्राइवेट अस्पताल में फ्री में इलाज करा सकते हैं। इलाज कराने के लिए रेलवे के चिकित्सक द्वारा रेफर करने की भी आवश्यकता नहीं होगी। ‘उम्मीद’ कार्ड तैयार करने के लिए कार्मिक विभाग के कर्मियों को ट्रेनिंग दी जा रही है।








रेलवे अपने कर्मचारियों को देश के प्रमुख स्टेशनों या मंडल मुख्यालय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराता है। दूर दराज क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मियों व परिवार के सदस्यों को इलाज कराने के लिए नजदीक बड़े स्टेशन या मंडल मुख्यालय आना पड़ता है। गंभीर रोगियों को रेलवे चिकित्सक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के लिए रेफर करते हैं, तभी फ्री में इलाज की सुविधा उपलब्ध होती है। रेलवे इस समस्या के समाधान के लिए यूनिक मेडिकल आइडेंटिटी कार्ड (उम्मीद) तैयार कर रहा है। यह कार्ड रेलवे कर्मियों व सेवानिवृत्त कर्मियों व उसके प्रत्येक परिवार का अलग अलग बनेगा। इस कार्ड में यूनिक नंबर होंगे।




कार्ड बनाते समय रेलवे कर्मी व उसके परिवार का फोटो, अंगूठे का निशान कंप्यूटर पर फीड किया जाएगा। इस कार्ड में चिप भी लगी होंगी। आपात स्थिति में उम्मीद कार्ड नहीं होने पर प्राइवेट अस्पताल के चिकित्सक बीमार रेल कर्मियों का अंगूठा मशीन में लगाकर पहचान कर लगेगा और इलाज शुरू कर देगा। रेल प्रशासन ने देश भर के प्राइवेट, सरकारी व अर्ध सरकारी बड़े अस्पतालों के साथ करार करना शुरू कर दिया है। प्रत्येक जिला मुख्यालय व बड़े तहसील मुख्यालय के अस्पताल के साथ करार किया जा रहा है। उम्मीद आधार कार्ड बनाने के लिए मंडल के कार्मिक विभाग के कर्मियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। मुरादाबाद रेल मंडल में 70 हजार से अधिक रेल कर्मचारी, सेवानिवृत्त कर्मचारी व उसके परिवार के सदस्यों का उम्मीद कार्ड बनाया जाना है।




रेलवे के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सीएस रावत ने बताया कि उम्मीद आधार कार्ड बनाने के लिए कार्मिक विभाग के कर्मियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। ट्रेनिंग खत्म होते ही उम्मीद कार्ड बनना शुरू हो जाएगा।

अंगूठे से होगी बीमार रेलवे कर्मियों की पहचान, देश में कहीं भी मिल सकेगा निश्शुल्क इलाज

Category: Indian Railways, News

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