रेलवे ने भारतीय रेल श्रमिक कल्याण पोर्टल तैयार किया, अधिकारियों और एजेंसियों की मनमानी रुकेगी

| May 5, 2019

रेलवे स्टेशनों पर काम करने वाले प्राइवेट कर्मियों को अब निजी ठेकेदार भुगतान नहीं करेंगे। रेलवे प्राइवेट कर्मियों के सीधे खाते में ऑनलाइन भुगतान करेगा। स्टेशनों पर साफ-सफाई व्यवस्था व अन्य कार्यों में लगे ऐसे कर्मियों का पूरा डाटा अब ऑनलाइन रखा जाएगा।

रेलवे ने इसके लिए भारतीय रेल ने श्रमिक पोर्टल की शुरुआत की है। कंपनी अधिकारियों के साथ मिलकर कर्मियों का न पैसा मार सकेंगी न ही उनके पीएफ का पैसा गायब कर सकेंगी। वहीं,कर्मियों को उनके काम का पूरा भुगतान होगा।








रेलवे में आउटसोर्सिंग के जरिए निजी कंपनियों द्वारा कर्मी लगाए जाते हैं। ये कर्मी स्टेशनों पर साफ-सफाई, ट्रेनों में पानी भरना, पार्सल जैसे तमाम कार्य करते हैं। प्राइवेट ठेकेदार इन कर्मियों को पूरा वेतन नहीं देते हैं। उनके पीएफ के नाम पर कटने वाला पैसा भी उनके खाते में नहीं पहुंच पाता है। टेंडर पूरा हो जाने के बाद भी कंपनी भाग जाती है और कर्मचारी बेहाल भटकता रहता है। .




इससे निजात पाने के लिए रेलवे ने भारतीय रेल श्रमिक कल्याण पोर्टल पर प्राइवेट कर्मियों का रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य कर दिया है। बिना पोर्टल पर रजिस्टर्ड कर्मियों को भुगतान नहीं हो सकेगा। रेलवे अधिकारियों की मानें तो पोर्टल पर रजिस्टर्ड कर्मियों के खाते में रेलवे सीधे भुगतान करेगा। जबकि ठेकेदार को उसका लाभ सीधे उसके खाते में दिया जाएगा। .

20 के ऐवज में 50 कर्मियों का भुगतान हो रहा था: प्राइवेट ठेकेदार बड़ा गोलमाल करते थे। वास्तविकता में स्टेशन पर 20 लोगों से काम होता था, लेकिन प्राइवेट ठेकेदार 50 के हिसाब से भुगतान करा रहे थे।.

‘ रेलवे रजिस्टर्ड श्रमिकों के खाते में भुगतान की व्यवस्था से कर्मियों में खुशी .

‘ रेलवे स्टेशनों पर लगे ऐसे कर्मियों का पूरा डाटाबेस अब ऑनलाइन रखा जाएगा.

रेलवे में कॉमर्शियल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, इंजीनियरिंग (सिविल) समेत 13 विभागों में आउटसोर्सिंग से काम कराया जा रहा है। सभी विभाग अपने अपने टेंडर कर इनको रखते हैं। यहां तक कि कार्मिक विभाग में भी आउटसोर्सिंग कर कर्मी रखे जाते हैं। इन सभी में श्रमिक कल्याण पोर्टल पर रजिस्टर्ड कर्मियों को अब ऑनलाइन भुगतान होगा।.




प्राइवेट ठेकेदारों को भारतीय रेल श्रमिक कल्याण पोर्टल पर सभी कर्मियों का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। पोर्टल पर रजिस्टर्ड कर्मियों के हिसाब से ही भुगतान भी होगा। इससे कर्मियों को उनका पूरा हक मिलेगा। .

– संजय त्रिपाठी, .

डीआरएम, उत्तर रेलवे.

प्राइवेट कर्मियों का निजी ठेकेदारों की ओर से रजिस्ट्रेशन कराने के बाद उन्हें पूरा भुगतान होगा। भुगतान सीधे उनके खाते में जाएगा। पीएफ के नाम पर कटने वाला पैसा उनके खाते में ही मिलेगा। इसके लिए पीएफ नंबर भी मिलेगा। यह नंबर यूनिक होगा। नौकरी छोड़ने के बाद भी अगर कर्मी किसी और फर्म के साथ काम करता है तो भी उसका पीएफ नंबर नहीं बदलेगा। सबसे बड़ी बात यह होगी कि अभी जिस काम के लिए उन्हें आधे पैसे मिलते थे, उसकी जगह अब उनको काम का पूरा भुगतान होगा। .

Category: Indian Railways, News

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