रेलकर्मी पासपोर्ट के लिए अब चक्कर नहीं लगाएंगे

| May 4, 2019

रेल कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। पासपोर्ट के लिए अब उन्हें मंडल अधिकारियों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने होंगे। उन्हें अधिकारियों की खुशामद तक नहीं करनी पड़ेगी। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के नए डीआरएम संजय त्रिपाठी ने रेलकर्मियों को राहत देते हुए सीधे पासपोर्ट कार्यालय में आवेदन का रास्ता साफ कर दिया है।








दरअसल, अभी पासपोर्ट बनाने के लिए रेलकर्मियों को अधिकारियों से अनापत्ति प्रमाणपत्र(एनओसी) लेनी होता था। इसे मिलने में रेलकर्मियों को काफी लंबा इंतजार करना पड़ रहा था। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में कई कर्मी सालों से अनापत्ति प्रमाणपत्र का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन, उनको अभी तक एनओसी नहीं मिल पाई है।




इस व्यवस्था को आसान बनाते हुए डीआरएम ने कर्मचारियों के लिए सीधी व्यवस्था शुरू कर दी है। रेलकर्मी पासपोर्ट ऑफिस की विभागीय वेबसाइट पर जाकर एक फार्म विवरणिका ‘एन निकालेंगे। इसकी एक प्रति पासपोर्ट ऑफिस में जमा होगी और दूसरी प्रति मंडल कार्यालय रेलकर्मी जमा करेगा। मंडल अधिकारी किसी भी आपत्ति को लेकर खुद ही पासपोर्ट अधिकारियों को रेलकर्मी संबंधित जानकारी उपलब्ध कराएंगे। अन्यथा पासपोर्ट कार्यालय से रेलकर्मी का पासपोर्ट बन जाएगा।




डीआरएम संजय त्रिपाठी ने कहा कि यह व्यवस्था रेल कर्मियों के हितों को ध्यान में रखकर की गई है। कई बार अधिकारियों की हठधर्मिता के चलते रेलकर्मियों को एनओसी नहीं मिल पाती है। इससे अब उन्हें छुटकारा मिलेगा। वहीं, उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था तत्काल पासपोर्ट जैसी है जिसमें पासपोर्ट मिल जाएगा और वेरीफिकेशन बाद में होगा।

रेल कर्मचारियों के परिवारीजन को रेलवे हर्जाने के रूप में आठ लाख रुपये देता है। वहीं, घायल कर्मचारियों को भी रेलवे हर्जाना देता है। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में ऐसे सैकड़ों रेल कर्मियों के परिवार है जो 10-10 साल से चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनको अभी तक हर्जाना नहीं मिल पाया है। .

रेल संबंधी समस्याओं के लिए नौ को लोक अदालत

अधिकारी उनकी समस्याओं को सुन तक नहीं रहे हैं। मजबूरन, परिवारीजन मंडल कार्यालय के चक्कर काटते रहते हैं। इसको देखते हुए रेलवे दावा अधिकरण लखनऊ नौ मई को लोक अदालत का आयोजन करेगा। इसमें रेल संबंधित ऐसी समस्याओं के लिए परिवारीजन मौके पर पहुंचकर अपनी पहचान देकर मामले का निस्तारण करा सकेंगे। अपर रजिस्ट्रार संजीव गुप्ता ने बताया कि मंडल के करीब 160 कर्मचारियों के केस लंबित है। सभी को नोटिस जारी किया जा चुका है। आने वाले केस का त्वरित निपटारा होगा। नौ मई को सुबह 9.30 बजे पुराने हाईकोर्ट में न्याय कक्ष संख्या 14, 15 व 16 में वादों का निस्तारण होगा।

Category: Indian Railways, News

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