Jet Airways के कर्मचारियों ने SBI चेयरमैन को पत्र लिखकर कहा- हम चलाएंगे एयरलाइन को, जुटाए 3000 करोड़ रूपए

| April 30, 2019

एसबीआई की मर्चेंट बैंकिंग इकाई एसबीआई कैंप्स बोलीदाताओं को करेगी शॉर्टलिस्ट• एजेंसी: डूबने के कगार पर पहुंच चुकी एयरलाइन कंपनी जेट एयरवेज को दोबारा शुरू करने की दिशा में कंपनी के कर्मचारियों ने एक बेहद अहम कदम के तहत बाहरी निवेशकों से 3,000 करोड़ रुपये का फंड जुटाया है। एयरलाइन कर्मचारियों के एक समूह ने एसबीआई को पत्र लिखकर कर्मचारियों और बाहरी निवेशकों के संघ को कंपनी का प्रबंधन नियंत्रण में लेने के लिए बोली लगाने की अनुमति मांगी है।








भविष्य की कमाई 

सोसाइटी फॉर वेलफेयर ऑफ इंडियन पायलट्स (SWIP) और जेट एयरक्राफ्ट मेंटनेंस इंजिनियर्स वेलफेयर एसोसिएशन (JAMEWA)के संघ ने यह प्रस्ताव भेजा है। संघ ने वादा किया है कि कर्मचारी अपनी भविष्य की कमाई को एयरलाइन में लगाएंगे और उत्पादकता बढ़ाएंगे।

एसबीआई के चेयरमैन को लिखे संयुक्त पत्र में कहा गया है, ‘हमारे शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, प्राकल्पित पंच वर्षीय कर्मचारी स्टॉक ऑनरशिप कार्यक्रम (ईएसओपी) में कर्मचारी समूहों का योगदान 4,000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।’ उन्होंने कहा कि विभिन्न कर्मचारी समूहों के साथ व्यापक चर्चा के बाद यह फैसला लिया गया है, साथ ही उन सहयोगियों से भी सलाह-मशविरा किया गया है, जो अतीत में विभिन्न वरिष्ठ प्रबंधन पदों पर रहे हैं।




पत्र में कहा गया है,‘हम मानते हैं कि एयरलाइन के साथ विरासत में मिले मुद्दे शामिल हैं, जिसमें उच्च परिचालन लागत, कर्मचारियों की जरूरत से अधिक संख्या, प्रतिकूल विक्रेता/पट्टे समझौते और प्रतिकूल कर्ज/इक्विटी अनुपात शामिल हैं।’

निवेशकों के प्रस्ताव

जेट एयरवेज के कर्जदाता एसबीआई की अगुवाई में फिलहाल एयरलाइन में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए बोली लगा रहे हैं, ताकि एयरलाइन को दिए गए 8,400 करोड़ रुपये के कर्ज की वसूली की जा सके।

नई दिल्ली: 

ठप खड़ी जेट एयरवेज के भविष्य को लेकर अनिश्चितता के बीच कर्मचारियों के समूह या गठजोड़ ने एयरलाइन के अधिग्रहण का प्रस्ताव किया है. एयरलाइन की दो कर्मचारी यूनियनों के अनुसार जेट के कर्मचारी बाहरी निवेशकों से 3,000 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद कर रहे हैं जिससे वे बोली लगा सकें. यह पहला मौका है जबकि कर्मचारी 25 साल पुरानी एयरलाइन का परिचालन करने का प्रस्ताव लेकर आए हैं. एयरलाइन का परिचालन 17 अप्रैल से अस्थायी रूप से बंद है.




एयरलाइन की पायलटों तथा इंजीनियरों का प्रतिनिधित्व करने वाले दो संघों सोसायटी फॉर वेलफेयर आफ इंडियन पायलट्स (एसडब्ल्यूआईपी) तथा जेट एयरक्राफ्ट मेनटेनेंस इंजीनियर्स वेलफेयर एसोसिएशन (जेएएमईवीए) ने प्रमुख ऋणदाता बैंक भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार को पत्र लिखकर एयरलाइन का परिचालन अपने हाथ में लेने का प्रस्ताव किया है. इन यूनियनों का कहना है कि वे एयरलाइन के परिचालन के लिए 7,000 करोड़ रुपये का प्रबंध कर सकती हैं.

एसडब्ल्यूआईपी के सदस्यों की संख्या 800 है जबकि जेएएमईवीए के सदस्यों की संख्या करीब 500 है. दोनों यूनियनों ने कुमार से कर्मचारियों के समूह के प्रस्ताव पर विचार को कहा है. यह पत्र 29 अप्रैल को भेजा गया है. इसमें कहा गया है कि कर्मचारियों का योगदान उनकी भविष्य की आय और उत्पादकता बढ़ने से आएगा. पत्र के अनुसार, ‘‘हमारे शुरुआती अनुमान के अनुसार पांच साल के कर्मचारी शेयर स्वामित्व कार्यक्रम (इसॉप) से आमदनी 4,000 करोड़ रुपये रहेगी.” इसके अलावा बाहरी निवेशकों से भी करीब 3,000 करोड़ रुपये का निवेश जुटाया जा सकता है.

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