रेल कर्मियों को दो साल से शैक्षणिक भत्ता नहीं मिला

| April 17, 2019

बच्चों के स्कूल खुल गए हैं। नए सत्र की शुरुआत हो चुकी हैं। नए सत्र की किताबें-कापियां खरीदना और त्रैमासिक फीस जमा करने का भार रेल कर्मियों पर आ पड़ा है। कर्मचारियों का बजट गड़बड़ा गया है। यह सब इसलिए क्योंकि पिछले दो साल से रेलकर्मियों को शैक्षणिक भत्ता नहीं मिला है। कर्मचारी अपनी जेब खर्च से बच्चों को पढ़ा रहे हैं। वहीं, रेल अधिकारी बजट न होने का हवाला देकर रेलकर्मियों टरका रहे हैं। .








सातवें पे कमीशन के बाद रेल कर्मियों को 27 हजार रुपये शैक्षणिक भत्ता मिलना है। लेकिन, पिछले दो सालों से रेल कर्मियों को शैक्षणिक भत्ता नहींं मिल पा रहा है। इसके लिए कर्मचारी और रेलवे स्टाफ अधिकारियों के चक्कर काट-काट कर परेशान हो चुके हैं। लेकिन, मंडल अफसर कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। रेलकर्मियों की मानें तो उन्हें 2017-18 का भत्ता नहीं मिला है। .




दो साल से काट रहे चक्कर: मंडल मंत्री के मुताबिक अफसरों को सैलरी बहुत ज्यादा है। उन्हें शैक्षणिक भत्ता न मिलने से मुसीबतें नहीं उठानी पड़ती हैं। लेकिन, कर्मचारियों को अपने बजट के हिसाब से चलना पड़ता है। पिछले दो साल से कर्मचारी चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन, अफसरों की मनमानी के चलते कर्मचारी प्रताड़ित है। .




पिछले दो साल से शैक्षणिक भत्ता न मिलने से रेलकर्मियों का बजट गड़बड़ा गया है। कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्वोत्तर रेलवे मजदूर यूनियन के मंडल मंत्री एके वर्मा ने बताया कि रेलवे अफसर बजट का बहाना बनाकर कर्मियों को प्रताड़ित कर रहे हैं। नए सत्र में 15 दिन की पढ़ाई भी हो चुकी है। फीस नहीं जमा होती तो बच्चों के नाम स्कूलों से काट दिए जाते। ऐसे में फीस जमा करना जरूरी था। .

Category: Indian Railways, News

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