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| April 17, 2019

सहायक अकाउंटेंट सोनी ने घरवालों से बताई थी प्रताडऩा की कहानी,डीआरएम कार्यालय की सहायक अकाउंटेंट की आत्महत्या का मामला। परिवारीजन ने अधिकारियों और कर्मचारियों पर लगाए आरोप पुलिस को तहरीर का इंतजार

डीआरएम कार्यालय में सहायक अकाउंटेंट सोनी की आत्महत्या के मामले में पुलिस को अभी तक परिवारीजन से कोई तहरीर नहीं मिली है। सोमवार को बिहार के नालंदा से सोनी के परिवारीजन राजधानी पहुंचे। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद उन्हें शव सौंप दिया। गुलाला घाट पर घरवालों ने सोनी का अंतिम संस्कार कर दिया। पीडि़त परिवार का आरोप है कि सोनी को उनके ऑफिस के अधिकारी और कर्मचारी लगातार प्रताडि़त कर रहे थे। यह बात उन्होंने घरवालों को भी बताई थी।








सोनी के चाचा सुनील दत्त ने बताया कि होली के समय मां की तबीयत खराब होने पर सोनी ने आदित्य से दो दिन की छुट्टी मांगी थी। प्रार्थना पत्र देने के बाद सोनी घर चली गई थीं। आरोप है कि वापस लौटने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस दे दिया गया था। कार्यालय में हो रहे उत्पीडऩ की लिखित शिकायत सोनी ने डीएफएम से भी की थी। बाद में दबाव बनाकर सोनी से प्रार्थना पत्र वापस लेने के लिए कहा गया था।




घरवालों का कहना है कि सुसाइड नोट में सोनी ने जिन लोगों पर आरोप लगाए हैं, उनके खौफ से वह ऑफिस जाने से भी डरने लगी थीं। सोनी को बेवजह परेशान किया जा रहा था, जिससे आहत होकर उन्होंने जान दे दी। पोस्टमार्टम हाउस पर सोनी के भाई संतोष, भाभी प्रियतमा, चचेरे भाई अभिषेक ने पुलिस से आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सीओ आलमबाग डॉ. संजीव सिन्हा के मुताबिक घरवालों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया है। पुलिस ने उनसे तहरीर मांगी है। पीडि़त परिवार जो भी तहरीर देंगे, उसके आधार पर एफआइआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। सोनी मूलरूप से बिहार के नालंदा जिले के जामनपुर गांव की रहने वाली थीं।




सोनी डीआरएम अवार्ड से हो चुकी थीं सम्मानित
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल कार्यालय में तैनात सहायक अकाउंटेंट सोनी कुमारी अपने बेहतरीन काम के कारण डीआरएम अवार्ड से सम्मानित हो चुकी थीं। हर काम अपडेट रखने में माहिर सोनी पिछले कई महीनों से विभागीय काम में रुचि नहीं ले रही थीं। इसको लेकर सोनी के भाई भी परेशान थे और इस संबंध में वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक से मिल चुके थे। आरोप है कि छुट्टी स्वीकृत हुए बिना भी वे बिहार जा चुकी थीं।

वहीं सोनी के भाई संतोष ने सुसाइड नोट में लिखे गए सभी कर्मियों को दोषी बताया है। उनके मुताबिक उनकी बहन को बेवजह मानसिक रूप से परेशान किया जाता था। यही नहीं वरिष्ठों द्वारा बेवजह काम का दबाव बनाया जाता था और उल्टे सीधे कमेंट किए जाते थे, जिसको लेकर बहन अकसर तनाव में रहती थी। नालंदा में कोचिंग चलाने वाले संतोष ने आरोप लगाते हुए कहा है कि सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

ये है मामला
आलमबाग स्थित रेलवे की वीजी मल्टी स्टोरी आवासीय कॉलोनी के चौथे तल से रविवार सुबह कूदकर सोनी ने आत्महत्या कर ली थी। वह हजरतगंज स्थित उत्तर रेलवे के डीआरएम दफ्तर में सहायक अकाउंटेंट के पद पर तैनात थीं। पुलिस ने उनके फ्लैट से सुसाइड नोट बरामद किया है। नोट 28 मार्च को लिखा गया था, जिसमें सोनी ने एसएसओ आदित्य शुक्ला व सोमेश मित्तल, डबल ए आकाश कुमार, करुणेश, विवेक कुमार और अवधेश कुमार पर संगीन आरोप लगाए हैं।

Category: Indian Railways, News

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