आधार की तरह रेलकर्मियों के लिए हेल्थ कार्ड ‘‘उम्मीद’

| April 4, 2019

आधार की तरह रेलकर्मियों के लिए हेल्थ कार्ड ‘‘उम्मीद’ द. मध्य रेलवे में सफलता के बाद सभी रेलवे में लागू

मौजूदा हेल्थ कार्ड की जगह स्मार्ट हेल्थ कार्ड, 69 लाख होंगे लाभार्थीरेलवे अस्पताल में उम्मीद से ओपीडी और अन्य स्वास्य सेवा मिलेगी रेलवे में स्वास्य सुविधाएं हासिल करने के लिए कागजी मेडिकल कार्ड की अड़चन दूर होगी। इसकी जगह रेलकर्मियों एवं उनके परिवारजनों को आधार कार्ड की तरह स्मार्ट हेल्थ कार्ड मिलेगा। इससे देशभर के रेलकर्मिंयों, पेशनधारियों और उनके परिवारों के सदस्यों को स्वास्य सेवा की नई ‘‘उम्मीद‘‘ देंगें। उम्मीद यानि यूएमआईडी एक वेब और मोबाइल आधारित स्वास्य सेवा योजना है जिसमें रेल परिवार से जुड़े हर सदस्य को एक यूनिक नंबर वाला स्मार्ट कार्ड मुहैया कराया जाएगा जिसे दिखा कर कोई भी रेलकर्मी, रेलवे का अवकाश प्राप्त कर्मचारी/अधिकारी और उसका परिवार देश भर में फैले रेलवे अस्पतालों या डिस्पेंसरियों में इलाज करवा सकते हैं।








इस कार्ड के बाद कोई जोनल बाधा इलाज कराने में कर्मिंयों के आड़े नहीं आएगी।अभी तक रेलकर्मियों और उनके परिवारजनों को इलाज के लिए स्मार्ट कार्ड की जगह कागजी मेडिकल कार्ड मिलता है, जिसमें कर्मचारी और उसके आश्रितों की फोटो लगी होती है। उसी के आधार पर ओपीडी पर्ची एवं अन्य चिकित्सा सुविधाएं मिलती हैं। इसकी जगह वेब और मोबाइल आधार क्यूआर कोड वाले स्मार्ट हेल्थ कार्ड मिलेगा। इस कार्ड से रेलवे अस्पतालों, डिस्पेंसरी और रेलवे के पैनल पर उपलब्ध निजी अस्पतालों में स्मार्ट हेल्थ उम्मीद से ही काम चल जाएगा।




रेलकर्मियों और उनके परिवारजनों को मेडिकल हेल्थ संबंधित डाटा उम्मीद कार्ड मे दर्ज होगा। सबसे खास बात यह है कि एक बार उम्मीद कार्ड बन जाने और उस पर दर्ज यूनिक नंबर एक बार रेलकर्मियों को मिलेगा। यह नंबर कभी नहीं बदलेगा। नौकरी दौरान और सेवानिवृत्ति के बाद भी यह कार्ड और उसका यूनिक नंबर काम करेगा।रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव जब दक्षिण मध्य रेलवे के महाप्रबंधक थे तो उन्होंने अपने जोनल में पायलट प्रोजेक्ट के लिए रूप में इसकी शुरुआत की थी।




इसकी सफलता के बाद इसे अब सभी रेलकर्मियों, सेवानिवृत्त रेलकर्मियों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए बनाया जाएगा। इस तरह से रेलवे में करीब 69 लाख स्मार्ट हेल्थ कार्ड उम्मीद बनेगा। इसकी सभी रेलवे में स्मार्ट हेल्थ कार्ड बनने की शुरुआत बृहस्पतिवार को रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव सकिंदराबाद में करेंगे। योजना के तहत रेल से जुड़े हुए हर आदमी का विशिष्ट पहचान नंबर एक सर्वर में संग्रहित रहेगा। हर रेलवे अस्पताल का सर्वर इस केंद्रीय सर्वर से जुड़ा रहेगा।

Category: Indian Railways, News

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