बीमार रेलकर्मियों को रेफर करने की प्रक्रिया को सरल बनाएगी रेलवे

| March 21, 2019

रेलवे अस्पताल में इलाज कर्मचारियों को टाईअप किए गए अस्पतालों में रेफर करने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। यह बातें डीआरएम अनिल कुमार मिश्रा ने कहीं। वे मंगलवार को ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन के साथ साल की पहली पीएनएम यानी स्थायी वर्ता तंत्र की बैठक को संबोधित कर रहे थे।यूनियन प्रतिनिधियों ने रेलवे अस्पताल में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने, रेलवे कॉलोनियों की साफ-सफाई व्यवस्था में सुधार लाने और किसी कारण से दुर्घटना होने पर कर्मचारी को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने का आग्रह किया। डीआरएम ने आश्वस्त किया कि उनकी मांगें जल्द पूरी कर दी जाएगी। कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के दौरान स्टॉक सीट क्लियर नहीं होने से सेवानिवृत्ति का परिलाभ रोके जाने को लेकर विरोध जताया। डीआरएम ने कहा कि इस समस्या का भी समाधान निकाला जाएगा।








रेलवे के 711 कर्मचारियों ने वक्त से पहले छोड़ी नौकरी

रेलवे के विभिन्न विभागों में कार्यरत 711 कर्मचारियों ने पिछले तीन साल में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले ली। इसमें कोई बीमारी तो कोई काम के दबाव से परेशान था। दंड के चलते भी 50 कर्मचारियों को जबरन सेवानिवृत्त दी गई। कई जगह अफसरों के उत्पीड़न से भी कर्मचारी परेशान रहे। नौकरी छोड़ने वाले इन सभी कर्मचारियों की आयु 45 वर्ष से अधिक है।








रेलवे के अंतर्गत वाणिज्य, परिचालन, इंजीनियरिंग, कैरिज एंड वैगन, लेखा, इलेक्ट्रिक, संरक्षा, दूरसंचार, कार्मिक, मेडिकल समेत तेरह विभाग आते हैं। रेल मंडल के उक्त सभी विभागों में दो हजार से अधिक कर्मचारियों की कमी चल रही है। वर्तमान में रेल मंडल में सत्रह हजार व वर्कशाप में 4700 कर्मचारी कार्यरत हैं।
रेलवे के विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की लगातार हो रही कमी के कारण अन्य कर्मियों पर काम का दबाव बढ़ता जा रहा है। कई जगह अफसरों के उत्पीड़न से भी कर्मचारी परेशान हैं। कोई बीमारी से पीड़ित है तो कोई दंड प्रक्रिया में भी फंसा है। इन्हीं सब समस्याओं से निजात पाने के लिए मंडल में पिछले तीन साल में 711 कर्मचारी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले चुके हैं। अभी 100 से अधिक कर्मचारियों ने वीआरएस के लिए आवेदन दे रखा है। इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इन कर्मचारियों के मांगने पर ही वीआरएस दिया गया है। यह उनका हक है।

Category: Indian Railways, News

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