होम लोन ट्रांसफर कराना है तो एक अप्रैल तक इंतजार करें

| March 17, 2019

अगर आप भी होम लोन ट्रांसफर कराने की तैयारी कर रहे हैं तो एक अप्रैल तक इंतजार करना फायदेमंद होगा। ऐसा इसलिए कि अगले महीने की पहली तारीख से होम और ऑटो लोन पर लगने वाले ब्याज की व्यवस्था बदल जाएगी। यह रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दिशा निर्देश के अनुरूप होगा। इसके बाद उम्मीद है कि होम लोन की ईएमआई पर अच्छी बचत होगी। वहीं अभी ट्रांसफर करने पर आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसकी वजह यह है कि आरबीआई द्वारा रेपो रेट में 25 आधार अंकों की कटौती के बाद भी बैंकों ने होम लोन के ब्याज पर मामूली कटौती की है। वित्तीय विशेषज्ञों के मुताबिक, होम लोन ट्रांसफर का फायदा तभी मिलेगा जब ब्याज दरों में 50 आधार अंकों की कटौती हो। होम लोन ट्रांसफर पर पेश है हिन्दुस्तान टीम की रिपोर्ट।







बदलने वाली है ब्याज व्यवस्था: माइलोनकेयर के गौरव गुप्ता के अनुसार, होम लोन ट्रांसफर करने की तैयारी कर रहे लोगों को एक अप्रैल तक इंतजार करना चाहिए। दरअसल आरबीआई ने निर्देश दिया है कि अलग-अलग कैटेगरी की फ्लोटिंग ब्याज दरें अब एक्सटर्नल बेंचमार्क से लिंक्ड होंगी। इससे एक अप्रैल 2019 से होम और ऑटो लोन पर लगने वाले ब्याज की व्यवस्था बदल जाएगी। बैंक को आरबीआई के रेपो रेट घटाने के तुरंत बाद ब्याज दर घटाने होंगी। नए ग्राहकों को इसका फायदा बैंक तुरंत देना शुरू करेंगे।




एनबीएफसी ग्राहकों को फौरी राहत नहीं: अगले महीने से ब्याज दर तय करने के गणित में बदलाव का फौरी फायदा हाउसिंग फाइनेंस और एनबीएफसी कंपनियों के ग्राहकों को नहीं होगा। ऐसा इसलिए कि आरबीआई की नई पॉलिसी बैंकों के लिए है। इसके चलते एनबीएफसी से लोन लिए ग्राहकों को सस्ते लोन का तोहफा नहीं मिलेगा। उनको बैंकों के मुकाबले ज्यादा ब्याज का भुगतान करना पड़ सकता है। लेकिन यह एनबीएफसी ग्राहकों के लिए मौका भी है। वे बैंकों की ओर रुख कर सकते हैं। बैंक उनके भुगतान रिकॉर्ड को देखते हुए सस्ते ब्याज दर पर लोन ट्रांसफर का विकल्प दे सकते हैं।




ब्याज घटा तो मिल सकता है दोहरा लाभ: रिजर्व बैंक की 5 अप्रैल से शुरू होने वाली मौद्रिक समीक्षा बैठक में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद है। इसकी वजह अभी आरबीआई के मुताबिक महंगाई उसके मीडियम टर्म टारगेट 4 फीसद(+-2 %) से नीचे ही है। इसका लाभ आरबीआई दे सकता है। एक बार फिर से ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती कर सकता है। ऐसा होने से होम लोन लेना और सस्ता हो जाएगा।

ब्याज में कटौती से कितना लाभ
होम लोन की शेष राशि बची अवधि ब्याज दर ईएमआई
35 लाख रुपये 15 साल 9.40% 36,337 रुपये
50 आधार अंकों की कटौती 25 आधार अंकों की कटौती खर्च और बचत
8.90 9.15 ब्याज दर (%)
35,291 35,812 ईएमआई (रुपये में)
1046 525 ईएमआई बचत (प्रति माह)
7,670 7,670 लोन ट्रांसफर शुल्क
12,546 6,296 सालाना बचत
188,197 94,436 लोन अवधि के दौरान बचत
180,527 86,766 कुल बचत (ट्रांसफर शुल्क के बाद)
5.16% 2.48% प्रतिशत में बचत

सरकारी बैंकों की ओर रुख करना बेहतर: वित्तीय विशेषज्ञों के मुताबिक, होम लोन ट्रांसफर पर कम ब्याज के लिए सरकारी बैंकों की ओर रुख करना बेहतर फैसला हो सकता है। प्राइवेट बैंकों के मुकाबले सरकारी बैंक कम ब्याज दर पर लोन मुहैया कराते हैं। हालांकि, इसके लिए आपको पुख्ता कागजी कार्रवाई करनी होगी।

पहले शुल्क पता करें: होम लोन का बैलेंस ट्रांसफर मुफ्त में नहीं होता है। होम लोन को ट्रांसफर कराने में नए बैंक की प्रोसेसिंग फी, प्रॉपर्टी को जांचने का खर्च, कागजी खर्च, स्टैंप ड्यूटी और इंश्योरेंस खर्च शामिल होता है। इसलिए बैंक का चुनाव करने से पहले इन शुल्कों के बारे में पहले जानकारी ले लें।

लोन की अवधि लंबी तभी फायदेमंद: होम लोन ट्रांसफर करने से पहले यह गणना करें कि इसपर आने वाला कुल खर्च आपकी बचत से अधिक है या नहीं। अगर, लोन 4 से 5 साल शेष है तो करना नुकसान का सौदा होगा। लंबी अवधि के लिए है तो करना फायदेमंद होता है। आमतौर पर लोन की अवधि 10 साल से अधिक या ब्याज दर 0.50 से 1 प्रतिशत कम हो तो फायदा होता है।

Category: Home Loans, News

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