रेलवे में प्रमोशन – कैडर तय नहीं होने से ट्रेन क्लर्कों का प्रमोशन नहीं

| February 11, 2019

रेलवे में काम करने वाले ट्रेन क्लर्क (टीएनसी) कर्मी पिछले 30 साल से प्रमोशन के लिए तरस रहे हैं। रेलवे में कोई कैडर न निर्धारित होने से इनका प्रमोशन रुका हुआ है। प्रमोशन न मिलने से कर्मियों में काफी नाराजगी है। चीफ ट्रेन क्लर्क तक पहुंचने वाले ये कर्मी मंडल कार्यालय अथवा स्टेशन पर ही पूरी जिंदगी एक पोर्टर बनकर बिताने को मजबूर हैं। वहीं, रेलवे में इनके प्रमोशन की कोई रूपरेखा तक नहीं बनी है। इससे प्रदेश भर में करीब ढाई हजार रेल कर्मी परेशान हैं। .








रेलवे में ट्रेन क्लर्क रेल ऑपरेशन से संबंधित सभी काम करते हैं। इनकी नौकरी में यार्ड में वैगनों और डिब्बों की संख्या की जांच करना, ट्रेन गाइडेंस जैसे दस्तावेज तैयार करना, सूचनाओं को ऑनलाइन फीड करना, ट्रेन में काम करने से संबंधित कंट्रोल से जानकारी लेना अथवा देना, रजिस्टरों का रखरखाव करना शामिल हैं। इनकी नौकरी स्टेशनों पर अथवा कंट्रोल में होती है। मंडल कार्यालय में ट्रेन क्लर्क की नौकरी पूरी तरह इनडोर है जबकि स्टेशन पर ट्रेन क्लर्क की नौकरी आंशिक रूप से इनडोर और आंशिक रूप से आउटडोर है। इसके चलते ट्रेन क्लर्क कर्मियों को मंडल कार्यालय में रहकर अथवा स्टेशन पर चीफ टीएनसी में एक पोर्टर जैसी हो गई है। .




ऑपरेटिंग में शामिल न किए जाने से समस्या: ट्रेन क्लर्क कर्मी रेलवे में आने के बाद चीफ ट्रेन क्लर्क तक पहुंचते हैं। यहां से इनको आगे प्रमोशन तक नहीं मिलता है। गार्ड बनने की क्षमता रखने वाले इन कर्मियों को रेलवे अपने डिपार्टमेंटल ग्रुप-बी के प्रमोशन तक में शामिल नहीं करता है। इससे यह गार्ड भी नहीं बन पा रहे हैं। बराबर वेतनमान होने के चलते टीएनसी कर्मी ट्रेन कंट्रोलर नहीं बन रहे हैं। .

रेलवे में टीएनसी कर्मी 1900 ग्रेड पे पर भर्ती होने के बाद अधिकतम 4200 ग्रेड पे तक पहुंच पाते हैं। यही ग्रेड पे गार्ड को भी मिलता है। इनके आगे के प्रमोशन के रास्ते बंद हैं। जबकि, इनको स्टेशन मास्टर तक बनना है। जिससे यह राजपत्रित अधिकारी तक हो सकते हैं। वहीं, अगर गार्ड में शामिल कर लिया जाए, तो इन्हें रनिंग अलाउंस समेत पेंशन के लाभ में भी फायदा मिलेगा। .




‘ 30 साल से हजारों ट्रेन क्लर्क पोर्टर बनकर रेलवे की ड्रयूटी बजा रहे .

‘ कैडर निर्धारित होता तो राजपत्रित अधिकारी बनकर रिटायर होते .

‘ 30 साल से हजारों ट्रेन क्लर्क पोर्टर बनकर रेलवे की ड्रयूटी बजा रहे .

‘ कैडर निर्धारित होता तो राजपत्रित अधिकारी बनकर रिटायर होते .

टीएनसी कर्मियों के प्रमोशन के लिए रेलवे बोर्ड को पत्र लिखा गया है। इनके कैडर को निर्धारित करने की मांग लंबे समय से लंबित है। कैडर निर्धारित होने के बाद राजपत्रित अधिकारी बनकर टीएनसी कर्मी भी रिटायर्ड होंगे। रेलवे बोर्ड जल्द ही इस मामले में निर्णय लेगा। .

-बीसी शर्मा, महासचिव, उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन। .

रेलवे में टीएनसी कर्मी 1900 ग्रेड पे पर भर्ती होने के बाद अधिकतम 4200 ग्रेड पे तक पहुंच पाते हैं। यही ग्रेड पे गार्ड को भी मिलता है। इनके आगे के प्रमोशन के रास्ते बंद हैं। जबकि, इनको स्टेशन मास्टर तक बनना है। जिससे यह राजपत्रित अधिकारी तक हो सकते हैं। वहीं, अगर गार्ड में शामिल कर लिया जाए, तो इन्हें रनिंग अलाउंस समेत पेंशन के लाभ में भी फायदा मिलेगा। .

Category: Indian Railways, News

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