प्रमोशन में आरक्षण व्यवस्था लागू कराने की मांग

| February 11, 2019

प्रमोशन में आरक्षण व्यवस्था लागू करने समेत विभिन्न समस्याओं को लेकर आरक्षण समर्थकों ने रविवार को विरोध मार्च निकाला। इस दौरान सभी ने केंद्र और राज्य सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाकर जमकर नारेबाजी की। मार्च गोमतीनगर स्थित अम्बेडकर स्मारक स्थल शुरू होकर, समता मूलक चौराह से सहारा शहर होते हुए वापस अम्बेडकर स्मारक स्थल पहुंच कर समाप्त हुआ। सभी लोग आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले एकजुट हुए। .








सुबह करीब आठ बजे से ही आरक्षण समर्थक एकजुट होने लगे। सभी ने सरकार विरोधी जमकर नारेबाजी की। मार्च का नेतृत्व कर रहे समिति के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण का बिल बीते पांच साल से लंबित पड़ा है, पर उसे पारित नहीं किया जा रहा है। वहीं उन्होंने केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में दो सौ प्वाइंट रोस्टर व्यवस्था को समाप्त कर 13 प्वाइंट रोस्टर व्यवस्था लागू किए जाने पर विरोध हजाता। आरक्षण समर्थकों का कहना है कि नई रोस्टर व्यवस्था के जरिए सरकार उनके हितो का हनन कर रही है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वह काफी समय से प्रदर्शन कर विरोधस जता रहे हैं पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। मांग पर जल्द कोई नतीजा नहीं आया तो वह जोरदार आन्दोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस दौरान केबी राम, डॉ. रामशब्द जैसवारा, अनिल कुमार, अजय कुमार, श्याम लाल, अन्जनी आदि शामिल रहे। 



ऑल इंडिया शेड्यूल्ड कास्ट्स एन्ड शेड्यूल्ड ट्राईब्स एम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले पदोन्नति मेंआरक्षण लागू किए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने आवाज बुलंद की। सभी लोग इकोगार्डन में एकजुट हुए। धरने को सम्बोधित करते हुए महामंत्री आरआर जैसवार ने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण न दिया जाना सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना है। सरकार जानबूझ कर इसे लागू करने में कतरा रही है। .




बेलगाम नौकरशाही की वजह से अनुसूचित जाति एवं जनजाति की कोई सुनवाई नही हो रही है। उन्होंने कहा कि नियुक्ति और पदौन्नति में आरक्षण, विश्वविद्यालयों – शेक्षिणक संस्थानों में 13 बिंदु के रोस्टर निरस्त कर 200 बिंदु का रोस्टर लागू किया जाय। इस दौरान रामशब्द जैसवारा,हरपाल सिंह आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।

 

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