पुरानी पेंशन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल से व्यवस्था बेपटरी, दफ्तरों में जड़ा ताला

| February 7, 2019

सरकारी कर्मचारियों द्वारा पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन की वजह से बुधवार को ज्यादातर सरकारी कामकाज ठप रहा। अलग-अगल विभागों, अधिकारी, कर्मचारी संगठन के लोग कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और दिन पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान आम लोगों का एक भी काम नहीं हो सका और लोग सरकारी दफ्तरों से बैरंग वापस लौटे। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में जुटे अधिकारियों व कर्मचारियों ने अपनी मांगें रखीं और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।








धरने में शामिल लोगों ने कहा कि जब तक पुरानी पेंशन की बहाली सरकार नहीं करती, इसी तरह से कामकाज ठप कर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।इस दौरान सरकारी दफ्तरों पर लाता जड़ा रहा और कोई कामकाज नहीं हुआ। सिटी ब्लाक से आने वाले सोनू यादव ने बताया कि नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय में आज की तारीख थी लेकिन कार्यालय पर ताला जड़ा मिला। वहीं नरायनपुर से आए किसान भूपेंद्र ¨सह ने कहा कि मुआवजे के कागजात जमा करने आए थे लेकिन यहां तो कार्यालय खुला ही नहीं है। कलेक्ट्रेट परिसर का इंग्लिश आफिस भी बंद रहा और अधिकारी बाहर धूप सेंकते नजर आए।मीरजापुर-¨वध्याचल विकास प्राधिकरण में बैठे एक अधिकारी ने पूछताछ में बताया कि वे आफिस में बैठे जरुर हैं लेकिन कोई काम नहीं कर रहे क्योंकि वे हड़ताल के समर्थन में हैं। मायूस लौटे उपभोक्ता

फतहां स्थित बिजली दफ्तर में बिजली का बिल ठीक कराने आई सुमन मिश्रा ने बताया कि यहां पर कोई कर्मचारी काम नहीं कर रहा है और जब जानकारी मांगी गई तो कहा गया कि 12 फरवरी तक कोई काम नहीं होगा, उसके बाद आइए। वहीं सुरेंद्र कुमार ने बताया कि बिजली कनेक्शन की पीडी करानी है, कई बार कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं और आज तो कोई काम ही नहीं हो रहा है। बिजली विभाग के अलावा पीडब्ल्यूडी, कृषि विभाग कार्यालयों पर कोई कामकाज नहीं हुआ। एस्मा लगने का डर भी रहा




पुरानी पेंशन बहाली के लिए राज्य कर्मचारी, अधिकारी धरने में शामिल रहे। जिससे कई आवश्यक काम नहीं हो सके। बोर्ड परीक्षा शुरु हो रही है इसके बावजूद शिक्षण संघों से जुड़े राज्य कर्मचारी अघोषित रुप से धरने में शामिल हुए।प्रधानमंत्री द्वारा घोषित किसान सम्मान निधि के तहत छह फरवरी से ही सूची बनाने का काम शुरू होना था लेकिन प्रदर्शन व धरने की वजह से गति नहीं पकड़ सका।हालांकि राज्य सरकार द्वारा हड़ताली कर्मचारियों पर एस्मा लगाने की बात को लेकर भी कर्मचारियों के बीच चर्चा होती रही। अस्पताल में मरीज रहे परेशान

राज्य कर्मचारियों की हड़ताल के कारण मंडलीय अस्पताल व महिला अस्पताल में आए मरीज भी परेशान रहे।यहां आए रमेश प्रजापति ने बताया कि सुबह से ही यहां लाइन लगाए हैं लेकिन डाक्टर ही नहीं बैठे इसलिए अब वापस जाना पड़ रहा है। महिला निशा ने बताया कि दवा काउंटर बंद होने के कारण दवाई नहीं मिल पाई। इसकी कोई सूचना भी नहीं दी जा रही कि दवा कब मिलेगी। बाक्स————-डीएम लेंगे रोजाना की रिपोर्ट




पेंशन बहाली की मांग को लेकर चल रहे हड़ताल से प्रशासन भी सतर्क है। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया है कि जो भी अधिकारी या कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं उनकी रोजाना रिपोर्ट दी जाए। वहीं जो अधिकारी व कर्मचारी कार्यालय में अपना काम कर रहे हैं, उनकी भी अलग सूची बनेगी।जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने बताया कि विभागवार यह सूची शासन को भेजी जानी है। उन्होंने कहा कि आवश्यक जरुरतों में कठिनाई न हो इसके लिए प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। हर विभाग की मानिट¨रग व डेली रिपोर्ट को लेकर कोई दबाव या सिफारिश काम नहीं करेगी। अटके महत्वपूर्ण सरकारी कार्य

– प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का काम

– एनएच-7 के मुआवजे की प्रक्रिया

– निर्वाचन सूची अपडेट करने की प्रक्रिया

– असलहा लाइसेंस डाटा एंट्री का काम

– बिजली विभाग में सरचार्ज माफी कार्य

– विभिन्न पेंशन व वयोश्री योजना का कार्य

– आवश्यक शिकायतों के निस्तारण का कार्य

Category: News

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