पुरानी पेंशन के लिए के यूपी में 20 लाख राज्यकर्मियों ने दिखाई ताकत

| February 7, 2019

पुरानी पेंशन को लेकर हड़ताल पर रहे, एस्मा भी बेअसर, कहा-वार्ता नहीं, महाहड़ताल के पहले दिन प्रदेशभर में दिखा व्यापक असर, कार्यालयों में लटकते रहे ताले, पसरा रहा सन्नाटा

पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर बुधवार को राज्यकर्मियों ने महाहड़ताल कर पूरे प्रदेश में अपनी ताकत दिखायी। राज्यकर्मियों व शिक्षकों ने सरकार द्वारा लगाये गये एस्मा को धता बताते हुए कार्यालयों में तालाबंदी कर कामकाज ठप कर दिया। राजधानी सहित अन्य जिलों में भी सरकारी महकमों के कार्यालयों में विरोध सभाएं व रैलियां की गयीं। इतना ही नहीं, धरना दे रहे राज्यकमियों व शिक्षकों ने कहा कि अब वार्ता नहीं, स्थायी समाधान चाहिए। इस बीच हड़ताल का आह्वान करने वाले पुरानी पेंशन बहाली मंच के नेताओं को मुख्य सचिव ने शाम को बैठक के लिए बुलाया पर यह वार्ता भी बेनतीजा रही। इसके बाद अब महाहड़ताल का आगे भी जारी रहना तय हो गया है।








हड़ताल का आह्वान करने वाले नेताओं का दावा है कि महाहड़ताल के पहले दिन कई महकमों में काम-काज ठप होने से सरकार को 100 करोड़ से अधिक के राजस्व की हानि हुई है। इस महाहड़ताल में लगभग 20 लाख कर्मचारियों ने शामिल होकर अपनी ताकत दिखायी है। राजधानी लखनऊ में कर्मचारियों व शिक्षकों की विशाल सभा राजभवन के समक्ष लोक निर्माण विभाग मुख्यालय में हुई। अन्य जिलों में भी धरना-प्रदर्शन व सभाओं का सिलसिला शाम तक जारी रहा। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर नजरअंदाज किये जाने से नाराज कर्मचारी, शिक्षक व अधिकारी राज्य सरकार की चेतावनी और एस्मा की धमकी को दरकिनार कर महाहड़ताल के पहले दिन एकजुट नजर आए। हड़ताल में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों व शिक्षकों के साथ जूनियर इंजीनियरों के शामिल होने से सरकार की कई निर्माण योजनाओं का काम-काज भी बाधित हुआ।




राजधानी लखनऊ में लोक निर्माण विभाग, समाज कल्याण विभाग, आरटीओ, रजिस्ट्रार आफिस, जिला कलेक्ट्रेट व तहसीलों, वाणिज्य कर विभाग,उघान विभाग, अर्थ एवं संख्या, नियोजन, कृषि विपणन एवं विदेश, कोषागार, सिंचाई, आबकारी, श्रम, बांट-माप-तोल, मातृ शिशु कल्याण, शिक्षा विभाग, सूचना विभाग, डायट, कृषि, वित्तीय प्रबन्ध एवं प्रशिक्षण, ग्रामीण अभियंतण्रविभाग, राजस्व विभाग सहित अन्य विभागों मे पहले दिन महाहड़ताल का व्यापक असर दिखा।




कई जगह जहां प्रवेश द्वारों पर कर्मचारियों ने ताला नहीं खुलने दिया तो कई कार्यालयों में सन्नाटा ही पसरा रहा।आंदोलन का ऐलान करने वाले मंच की तरफ से जानकारी देते हुए संजीव गुप्ता ने बताया कि इलाहाबाद, पीलीभीत, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली, प्रतापगढ़,अमेठी, अमरोहा, बरेली, गोण्डा, बलरामपुर समेत तमाम जनपदों में हड़ताल में शामिल कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारियों ने भा कर सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अब वार्ता नहीं समाधान चाहिए। हालांकि महाहड़ताल के पहले दिन सरकार व प्रशासन की ओर से कर्मचारियों के खिलाफ किसी प्रकार की उत्पीड़नात्मक व अनुशासनात्मक कार्रवाई की खबर नहीं मिली।

Category: News

About the Author ()

Comments are closed.