नई पेंशन बेहतर, हड़ताल समाप्त करें: मुख्य सचिव

| February 7, 2019

पुरानी पेंशन बहाली मंच के नेताओं से बुधवार को मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय ने लंबी वार्ता की। उन्होंने समझाया कि नई पेंशन स्कीम से 70 फीसदी कर्मचारियों को कोई नुकसान नहीं है। शेष कर्मचारियों की दिक्कतों को दूर करने के लिए बैठकर हल निकाला जा सकता है। नेताओं के अड़े रहने पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि हड़ताल के दौरान कानून का उल्लंघन ना हो और सरकार की प्रतिष्ठा को क्षति ना पहुंचे इसका ध्यान रखें। .








मुख्य सचिव ने हड़ताल में शामिल संघों के नेताओं के साथ अपने कक्ष में लंबी वार्ता की। इस वार्ता के दौरान अपर मुख्य सचिव पर्यटन अवनीश अवस्थी, प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। कर्मचारी नेताओं में हरिकिशोर तिवारी, एमएलसी दिनेश चंद्र शर्मा, यादवेंद्र मिश्र, शिवबरन यादव आदि थे। बैठक के शुरुआत में अवनीश अवस्थी ने सरकार का पक्ष रखा। वार्ता के दौरान मुख्य सचिव श्री पांडेय ने कहा कि नई पेंशन से अधिक उम्र के 25 से 30 फीसदी कर्मचारियों को थोड़ी दिक्कतें हो सकती हैं, इसका समाधान निकाला जा सकता है।.




एनपीएस की विसंगतियों को दूर करने के लिए 10,500 करोड़ .

मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि नई पेंशन नीति की विसंगतियों को दूर करने के लिए राज्य का अंशदान 10 से बढ़ाकर 14 फीसदी करने के लिए 10.500 करोड़ रुपये का प्रबंध किया जा रहा है। सरकार इस धनराशि को शीघ्र जमा कर देगी। उन्होंने यह भी कहा कि 2005 के बाद से सेवा में आने वाले कर्मचारियों ने सेवा शर्तें स्वीकार कर ही सेवा में हैं। उनकी सेवा शर्तों में नई पेंशन नीति का जिक्र रहा है। इस नीति का विरोध था तो उसी समय सेवा में नहीं आते। मुख्य सचिव ने कर्मचारी नेताओं को यह भी बताया कि कर्मचारी समस्याओं के समाधान के लिए प्रमुख सचिवों के साथ ही जिलों के अधिकरियों को निर्देश दिए गए हैं। वार्ता के बाद बैठक में शामिल कर्मचारी नेताओं ने हड़ताल जारी रखने की बात कही।.




वाणिज्यकर अधिकारी सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष राज्यवर्धन सिंह, चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रदेश उप महामंत्री सुरेश सिंह यादव, प्रदेश महामंत्री प्रेम प्रकाश ने बताया कि वाणिज्यकर विभाग पुरानी पेंशन को लेकर पूरे प्रदेश के कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। कोई वाहन नहीं चलने दिया गया।.

लखनऊ। हड़ताल के सम्बंध में अपने विभाग की जानकारी नहीं देने पर सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता, अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता का वेतन रोक दिया गया है। इन अफसरों का वेतन रोकने का निर्देश डीएम कौशल राज शर्मा ने मुख्य कोषाधिकारी को दिया है। पत्र में कहा गया है कि अग्रिम आदेश तक इनका वेतन रोक दिया जाए। जिन अफसरों के वेतन रोके गए हैं उनमें विनय कुमार राठी प्रमुख अभियंता सिंचाई, सेवाराम अधीक्षण अभियंता सिंचाई, योगेश कुमार रावल, अधिशासी अभियंता शारदा नहर खंड-2 शामिल हैं।.

पुरानी पेंशन बहाली के लिए कर्मचारियों ने पीडब्ल्यूडी में बुधवार से हड़ताल शुरू की। .

‘ राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के हितों के प्रति संवेदनशील है।.

‘ भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 ए के तहत शिक्षा के अधिकार को मूलभूत अधिकार बनाया गया है। .

‘ सात फरवरी से माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड की परीक्षाएं प्रारम्भ हो रही हंै। .

‘ बोर्ड परीक्षाओं के प्रारम्भ होने की तिथि से एक दिन पूर्व कर्मचारी-शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच द्वारा हड़ताल पर जाने का फैसला प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। .

‘ दूसरी तरफ हड़ताल यह संदेश भी देता है कि हड़ताल सम्बन्धी निर्णय जान बूझकर बोर्ड परीक्षा के समय लिया गया।.

‘ पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू करने के लिए सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से की गई यह हड़ताल अनैतिक, औचित्यविहीन तथा गैरकानूनी है।.

‘ केन्द्र सरकार ने वर्ष 2005 में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) लागू की थी। इस व्यवस्था को राज्य सरकार ने भी 2005 में ही अपने कार्मिकों के लिए अपनाया था।.

‘ पेंशन की मौजूदा व्यवस्था का विरोध करने वाले ज्यादातर ने एनपीएस को स्वीकार करते हुए नौकरी ज्वाइन की है।.

‘ वर्ष 2005 से 2019 तक किसी भी सरकार ने पुरानी पेंशन प्रणाली को बहाल नहीं किया। .

‘ राज्य सरकार ने एस्मा के अधीन सरकारी विभागों, निगमों, व स्थानीय निकायों की सेवाओं में छह माह के लिए हड़ताल पर रोक लगा दी है। इस सम्बन्ध में मुख्य सचिव की ओर से बीते चार फरवरी को अधिसूचना जारी कर दी गई है। .

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