बजट 2019 – 75 हजार सैलरी वाला भी कर सकता है टैक्स जीरो

| February 2, 2019

वेतनभोगी वर्ग का व्यक्ति टैक्स को कम से कम करने के लिए भरसक छूटों का इस्तेमाल करता है। इनमें स्टैंडर्ड डिडक्शन, हाउस रेंट अलाउंस, 80सी के तहत निवेश पर, 80डी के तहत मेडिक्लेम पर, 80टीटीए के तहत बैंक-डाकघर से प्राप्त ब्याज पर, 80सीसीडी(IB) के तहत एनपीएस में निवेश पर मिलनेवाली छूट शामिल हैं।







बजट प्रावधान के मुताबिक सैलरीड क्लास को 13500 रुपये तक का अधिकतम फायदा मिल सकेगा। इसमें सेक्शन 87ए के तहत रिबेट के रूप में 12500 रुपये की छूट मिलेगी। यह सीमा पहले 2500 रुपये तक ही थी। इसमें स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40000 से बढ़ाकर 50000 रुपये किए जाने से 500 रुपये की अतिरिक्त छूट भी जुड़ जाएगी।








इसके अलावा 4 फीसदी सेस के 500 रुपये को जोड़ने पर कुल 13500 का अधिकतम फायदा नजर आता है। गौर करनेवाली बात यह है कि इन सभी छूटों का पूरा फायदा यदि लिया जा सके, तो औसतन 75000 रुपये प्रति माह की सैलरी पानेवाला व्यक्ति भी टैक्स के दायरे से बाहर रह सकता है। इसी तरह नॉन सैलरीड क्लास में 6.85 लाख रुपये सालाना आमदनी वाला व्यक्ति भी 80सी, 80डी और 80टीटीए में मिलनेवाली पूरी छूट लेने के बाद टैक्स मुक्त रह सकता है। हालांकि यह छूट आय योग्य आमदनी के 500000 रुपये से बढ़ने के साथ ही पूरी तरह गायब हो जाती है। वित्त मंत्री ने यह सुनिश्चित किया है कि केवल निम्न और मध्य आय वर्ग को ही इस छूट का फायदा मिले।

Category: Finance Ministry, News

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