7th Pay Commission: रेलवे के इन कर्मचारियों के ड्रेस के लिए मिलेंगे 5000 रुपये, देश भर में मांगी गई सूची

| January 27, 2019

भारतीय रेलवे ने 7th Pay Commission की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए अपने सभी ऐसे कर्मचारियों की सूची तैयार करना शुरू कर दिया है जिन्हें ड्रेस अलाउंस मिलता है. कर्मचारियों को उनके ग्रेड के अनुसार 5000 रुपये तक का ड्रेस अलाउंस देने की घोषणा की है.




भारतीय रेलवे ने 7th Pay Commission की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए अपने सभी ऐसे कर्मचारियों की सूची तैयार करना शुरू कर दिया है जिन्हें ड्रेस अलाउंस मिलता है. कर्मचारियों को उनके ग्रेड के अनुसार 5000 रुपये तक का ड्रेस अलाउंस देने की घोषणा की है. इस संबंध में पूर्व मध्य रेलवे ने ये भत्ता कर्मचारियों को देने के लिए उनके ग्रेड के अनुसार सूची तैयार करने का काम भी शुरू कर दिया है. वहीं अन्य जोनल रेलवे भी इस पर काम शुरू कर चुके हैं. नार्दन रेलवे मेन्स यूनियन के दिल्ली मंडल के महामंत्री अनूप शर्मा ने बताया कि दिल्ली में काफी कर्मचारियों को ड्रेस अलाउंस दे दिया गया है. जो रह गए हैं उन्हें अगले महीने के वेतन में ड्रेस अलाउंस के पैसे मिल जाएंगे. ये अलाउंस उन कर्मियों को ही मिलता है जिनकी ड्रेस निर्धारित है और उन्हें अनिवार्य तैयार पर ड्रेस पहननी होती है.




रेल कर्मचारियों का भत्‍ता किया दोगुना
इंडियन रेलवे ने कर्मचारी संगठनों की बेहद पुरानी मांग को स्वीकार करते हुए गार्ड, लोको पायलट और सहायक लोको पायलट को मिल रहे रनिंग भत्ते को दो गुने से अधिक कर दिया है. रेल परिचालन में मदद करने वाले लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और गार्ड को रेलवे का ‘रनिंग स्टॉफ’ कहा जाता है. अब तक इन्हें प्रति सौ किलोमीटर चलने पर करीब 255 रुपये की दर से ‘रनिंग भत्ता’ दिया जाता है. इसे अब बढ़ाकर करीब 520 रुपये कर दिया गया है.




हर साल 20 पेड लीव लेना होगा अनिवार्य
केंद्रीय कर्मचारियों को हर साल कम से कम 20 दिन की अर्न लीव (earned leave) लेनी होगी. वर्तमान समय में ज्यादातर केंद्रीय कर्मी अपनी अर्न लीव को रिटायरमेंट तक बचा कर रखते थे. 7वें वेतन आयोग ने सिफारिश की थी कि कर्मचारियों को छुट्टियां कैश कराने की बजाए उन्हें छुट्टी लेने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही थी. सरकार ने इस नियम को सरकारी बैंकों में लागू भी कर दिया है.




ये हैं रेल कर्मियों की प्रमुख मांगें

  •         रेलवे के सुरक्षित संचालन के लिए संयुक्त समिति की ओर से की गई सिफारिश को ग्रेड कैडर के आधार पर रीस्ट्रक्चर किया जाए साथ ही ट्रैकमैन कोटि में मास्टर क्राफ्टमैन ग्रेड पे 4200 का सृजन किया जाए.
  •         सभी रिक्ति पदों पर तत्काल भर्ती की जाए. वहीं जहां ट्रैक का दोहरीकरण किया जा रहा है उसी अनुपात में ट्रैकमैन बढ़ाए जाएं.
  •         टैकमैन व गेटमैन को काम के दौरान पूरी सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए. बिना ब्लॉक के ट्रैक पर किए जाने वाले काम पर रोक लगे
  •         तत्काल पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जाए व परिजनों की पेंशन योजना को लागू किया जाए
  •         टैकमैनों को आधुनिक औजार व उपकरण उपलब्ध कराए जाएं. वहीं उनके विश्राम के लिए रेस्ट शेल्टर बनाए जाएं.
  •         इन कर्मियों को निकटवर्ती बड़े स्टेशनों के करीब रेलवे के आवास उपलब्ध कराए जाएं. वहीं बच्चों की शिक्षा का उचित प्रबंध हो.
  •         लार्सजेन योजना के तहत ट्रैक मेंटेनर्स के बच्चों को रेलवे में नियुक्ति नियमों की बहाली की जाए.
  •         न्यूनतम वेतन को 18000 हजार से बढ़ा कर 26000 किया जाए
  •         फिटमेंट फार्मूला 2.57 से बढ़ा कर 3.7 कर दिया जाए
  •         ट्रैकमेनों के लिए एलडीसी ओपन कराया जाए
  •         सुपरवाजरों को ग्रेड पे 4600 से बढ़ा कर 4800 किया जाए
  •         संरक्षा श्रेणी के सभी कर्मचारियों को रिस्क एवं हार्डशिप एलाउंस दिया जाए
  •         संरक्षा श्रेणी में खाली 1.30 लाख खाली पदों को तुरंत भरा जाए
  •         रनिंग स्टॉफ के किलोमीटर अलाउंस की दरों को सातवें वेतन आयोग के तहत दिया जाए

Category: Indian Railways, News

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