रेलवे के चेकिंग स्टाफ का लिपिक संवर्ग में विलय किया

| January 24, 2019

पूर्वोत्तर रेलवे के अधिकारियों ने रेल कर्मियों को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया है। रेलवे बोर्ड के आदेश के विपरीत चेकिंग स्टाफ, बुकिंग क्लर्क और रिजर्वेशन क्लर्क को एक ही कैटेगरी में डाल दिया है। .

दरअसल, रेलवे बोर्ड के आदेश के अनुसार नई भर्ती होने पर इन कर्मियों को एक ही कैटेगरी में शामिल करने की बात कही गई है। लेकिन अधिकारियों ने इस नियम को पुराने कर्मचारियों पर लागू कर दिया। यही नहीं अधिकारियों ने उनका ट्रांसफर शुरू कर दिया और ट्रेनिंग करने की सलाह दी। यूनियन ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की। .








पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में डीसीएम देवानंद यादव ने स्टेशन पर तैनात चेकिंग स्टाफ, बुकिंग क्लर्क और रिजर्वेशन कर्मियों को एक ही कैटेगरी में शामिल कर दिया। इस फैसले से कर्मचारियों के प्रमोशन और रनिंग भत्ते पर भी असर पड़ता।.



कर्मचारी का किया ट्रांसफर: रेलवे अधिकारियों ने बोर्ड के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए आनन-फानन में लखनऊ मंडल में चेकिंग स्टाफ का वाणिज्य लिपिक में पद परिवर्तन कर दिया। उसे टिकट परीक्षक से वाणिज्य सह टिकट लिपिक में कर दिया और गोरखपुर से सीतापुर स्थानांतरण कर पदस्थापित कर दिया।




यूनियन ने मामले को रेलवे के उच्चाधिकारियों को संज्ञान दिलाया। लखनऊ मंडल में अधिकारियों से पूछताछ के बाद आदेश वापस हुए। यूनियन मंडल मंत्री आरके वर्मा ने बताया कि रेलवे बोर्ड से जो आदेश हुआ है उसका पालन नए भर्ती कर्मियों पर लागू होना है। इज्जतनगर मंडल को देखते हुए अधिकारियों ने जो आदेश दिए थे, वह गलत है। वहां पर टिकट चेकिंग स्टाफ की वरीयता स्थिर रखी गई है। वाणिज्य लिपिक संवर्ग और ईसीआरसी को एक कैटेगरी में शामिल किया गया है। .

Source:- LiveHindustan

Category: Indian Railways, News

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