रेलवे में खाली हैं 3 लाख से ज्यादा जगहें

| January 22, 2019

मोदी सरकार गरीबों के लिए 10 प्रतिशत का आरक्षण का बिल तो ले आई लेकिन विपक्ष इस बात को लेकर हमलावर है कि देश में रोजगार देने में सरकार फेल है। विपक्ष का कहना है कि देश में लगातार बेरोजगारी बढ़ रही है। सवाल है कि क्या सरकार ने रिक्तियों को भरने के प्रयास किए हैं? भारतीय रेलवे दुनिया में सबसे बड़े रोजगार देने वालों में से एक है लेकिन पर्याप्त रोजगार देने के मामले में यह भी कमजोर नजर आई। यह बात एक आरटीआई के जवाब में सामने आई है।







RTI में पूछे गए सवाल के जवाब में रेलवे ने पिछले दशक में लोगों के रिटायर होने और नई नियुक्तियों के जो आंकड़े बताए, वे काफी निराशाजनक हैं। इसमें बताया गया है कि 2008 से 2018 तक जितने लोग रिटायर होते थे उनसे कम ही लोगों को रोजगार दिया जाता था। इसी वजह से आज रेलवे में करीब 3 लाख पद खाली हैं।




वर्ष रिटायरमेंट नियुक्तियां
2007-08 42,149
2008-09 40,290 13,870
2009-10 41,372 11,825
2010-11 43,251 5,913
2011-12 44,360 23,292
2012-13 68,728 28,467
2013-14 60,754 31,805
2014-15 59,960 15,191
2015-16 53,654 27,995
2016-17 58,373 19,587
2017-18 19,100




साल 2016-17 में रेलवे में कुल 13,08,323 कर्मचारी थे वहीं आठ साल पहले 2008-09 में 13,86,011 कर्मचारी थे। यानी 8 साल में 77,688 कर्मचारी कम हो गए। रेलवे के मुताबिक जनवरी 2018 में ग्रुप सी और डी के 2,66,790 जगहें खाली थीं। इनमें ग्रुप A और B की रिक्तियां शामिल नहीं हैं। आम चुनाव के पास आने पर सरकार ने पिछले साल ग्रुप C और D के लिए 1.2 लाख जगहें निकालीं। यह भर्ती प्रक्रिया इस साल पूरी की जाएगी। लेकिन ये भर्तियां रेलवे में खाली पदों की आधी भी नहीं हैं।

Category: Indian Railways, News

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