Railway Mobile: कर्मचारियों में कम्यूनिकेशन के लिए रेलवे का होगा अपना मोबाइल नेटवर्क

| January 20, 2019

रेलवे अपना खुद का मोबाइल नेटवर्क तैयार करने जा रहा है। इस नेटवर्क से रेल अधिकारी और कर्मचारी आपस में बात कर सकेंगे। इसके लिए रेलवे मोबाइल ट्रेन रेडियो कम्युनिकेशन (एमटीआरसी) सिस्टम स्थापित कर रहा है।

ए श्रेणी रेल मार्ग दिल्ली-हावड़ा पर सिस्टम लगाना शुरू हो गया है। बी श्रेणी के रेल मार्ग लखनऊ-वाराणसी के बीच लगाने की स्वीकृति मिल गई है। अगले चरण में लखनऊ से मुरादाबाद होकर जम्मूतवी तक यह सिस्टम लगाया जाना प्रस्तावित है।








माना जा रहा है कि अगले वित्तीय वर्ष में स्वीकृति मिल जाएगी। आधुनिक संचार माध्यम का प्रयोग हर क्षेत्र में हो रहा है। रेलवे भी आधुनिक संचार माध्यम से ट्रेन संचालन कर रहा है। रेलवे ने वर्तमान में लैंडलाइन और ओएफसी के नेटवर्क का अपना जाल बिछा रखा है, लेकिन मोबाइल नेटवर्क के मामले में दूसरी कंपनियों पर आश्रित है। इसलिए मोबाइल नेटवर्क से ट्रेनों का संचालन नहीं किया जाता है।




वॉकीटॉकी व्यवस्था है, लेकिन यह ट्रेन संचालन में सक्षम नहीं है। रेलवे ने देशभर में प्राइवेट मोबाइल कंपनियों से कनेक्शन लेकर कर्मचारियों व अधिकारियों को छह लाख मोबाइल कनेक्शन दे रखे हैं। इससे केवल एक-दूसरे से संपर्क किया जाता है। इसके लिए रेलवे को हर माह करोड़ों रुपये मोबाइल कंपनियों को देने पड़ते हैं। इसे देखते हुए रेलवे अपना मोबाइल नेटवर्क बनाने जा रहा है।

यह सिस्टम मोबाइल ट्रेन रेडियो कम्युनिकेशन (एमटीआरसी) पर आधारित होगा। इसके लिए रेलवे को अधिक खर्च नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि सभी प्रमुख स्टेशनों पर अलट्रा हाई फ्रीक्वेंसी (यूएचएफ) सिस्टम के टावर लगे हुए हैं। उसी सिस्टम पर एमटीआरसी लगाया जाएगा।




सभी टावर को आपास में जोड़ने के लिए रेल लाइन के किनारे रेलटेल ने ओएफसी डाल रखी है। इस सिस्टम से रेल अधिकारी-कर्मचारी आपस में वार्ता कर सकते हैं और इंटरनेट भी चला सकते हैं। मंडल रेल प्रबंधक अजय कुमार सिंघल ने बताया कि आधुनिक संचार को लेकर बोर्ड स्तर पर योजना तैयार की जा रही है।

Category: Indian Railways, News

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