रेलवे में फिर गर्माया रेलकर्मी की एक संतान को नौकरी देने का मुद्दा

| January 11, 2019

इंडियन रेलवे में लाॅर्जेज स्कीम को रेल मंत्रालय ने बंद कर दिया है। इससे इंडियन रेलवे के सभी 17 जोन से जुड़े…

इंडियन रेलवे में लाॅर्जेज स्कीम को रेल मंत्रालय ने बंद कर दिया है। इससे इंडियन रेलवे के सभी 17 जोन से जुड़े मंडलों में पिता के स्थान पर बेटे को नौकरी नहीं मिल सकेगी। इस बारे में रेलवे बोर्ड ने 29 नवंबर 2017 को आदेश जारी किए थे। इसके तहत पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा, भोपाल व जबलपुर मंडल में भी ये योजना बंद हो चुकी है। अब गैंगमैन, ट्रैकमैन, गेटमैन, खलासी पिता के स्थान पर उसके बेटे को नौकरी नहीं दी जा रही है।







इंडियन रेलवे में वर्ष 2004 में दो कैटेगरी ट्रेन ड्राइवर व ट्रैकमैन पद पर जिनकी नौकरी 20 वर्ष की हो चुकी हो। उनके बेटों को नौकरी देने की घोषणा की थी। इसके तहत भर्ती शुरू हो चुकी थी। रेल कर्मचारी संगठनों की मांग पर अन्य 26 कैटेगरी के कर्मचारियों के बेटों को भी पिता के स्थान पर नौकरी देने के लिए लाॅर्जेज स्कीम की घोषणा वर्ष 2010 में कर दी गई। इस योजना के तहत पहले रेलकर्मी के 8वीं पास बेटे व बाद में 10वीं पास बेटे को नौकरी दी जाने लगी। लेकिन, ये योजना धीरे-धीरे सभी जोन में बंद कर दी गई है। रेल मंत्रालय के इस फैसले से रेलकर्मियों में रोष व्याप्त है।







लॉर्जेज स्कीम में यह शर्त थी कि कर्मचारी की उम्र 50 से 57 वर्ष हो और नौकरी के 20 वर्ष पूरे हो चुके हों। लाॅर्जेज स्कीम के बंद होने के बाद ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन ने लाॅर्जेज स्कीम को पुन: शुरू करने के साथ ही रेलकर्मी की एक संतान को नौकरी देने की मांग तेज कर दी है। फेडरेशन के सहायक महामंत्री मुकेश गालव ने बताया कि लाॅर्जेज स्कीम से रेलवे को युवा रेलकर्मी मिल रहे थे। लेकिन योजना बंद कर दी गई। फेडरेशन रेलकर्मी को एक संतान को नौकरी देने की मांग कर रहा है। रेलवे बोर्ड में भी इन मुद्दों को उठाया गया है।

Category: Indian Railways, News

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