पुरानी पेंशन पर आज सरकार के रुख को अंतिम बार परखेंगे कर्मचारी

| January 11, 2019

– पुरानी पेंशन बहाली को लेकर बनी समिति की पांचवीं बैठक आजएनबीटी ब्यूरो, लखनऊपुरानी पेंशन बहाली पर सरकार द्वारा बनाई गई समिति की पांचवीं बैठक …,

– पुरानी पेंशन बहाली को लेकर बनी समिति की पांचवीं बैठक आज

पुरानी पेंशन बहाली पर सरकार द्वारा बनाई गई समिति की पांचवीं बैठक सोमवार को होगी। इस बैठक में कर्मचारी अंतिम बार पुरानी पेंशन पर सरकार का रुख भांपेंगे। कर्मचारी संगठनों का दावा है कि सोमवार को होने वाली बैठक हो सकता है कि कार्यकाल की अंतिम बैठक हो क्योंकि 18 से विधानमंडल सत्र शुरू हो जाएगा और फिर इसके बाद छुट्टियां हैं। वहीं, दो महीने के लिए बनी समिति के कार्यकाल में भी अब केवल सात ही दिन बचे हैं।








पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग को लेकर हड़ताल पर आमादा हुए कर्मचारियों के दो प्रतिनिधियों को एक समिति में शामिल करके मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो महीने के भीतर इसपर रास्ता निकालने के आदेश दिए थे। अब तक इस समिति की चार बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन किसी में भी यह बात नहीं सामने आ सकी पुरानी पेंशन नीति को सरकार किस तरह से नए कर्मचारियों के लिए लागू करेगी। इससे कर्मचारी भीतर ही भीतर अहसास कर चुके हैं कि इस समिति का कार्यकाल बेनतीजा ही जाएगा और ऐसे में उनके पास हड़ताल पर जाने के सिवा कोई और चारा नहीं बचेगी। इस सच्चाई को समझते हुए कर्मचारियों ने बीते दिनों शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई थी, जिसमें जनवरी से दोबारा आंदोलन शुरू करने और फरवरी के दूसरे सप्ताह से अनिश्चिकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला लिया था।




जब सोमवार को कर्मचारी नेता इस बैठक का हिस्सा होंगे तो वे समिति में शामिल अधिकारियों के माध्यम से यह जानना चाहेंगे कि आखिर सरकार उनकी मांगों को लेकर कुछ सोचना भी चाहती है या नहीं। क्योंकि इसके बाद कर्मचारियों को पुख्ता तौर पर आगे की रणनीति पर काम करना होगा।




दो नए सदस्य पहली बार लेंगे हिस्सा

सोमवार को होने वाली बैठक में दो सदस्य पहली बार हिस्सा लेंगे। इनमें सूचना विभाग के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी होंगे। इसके अलावा पीएफआरडीए के सदस्य भी इसमें हिस्सा लेंगे। ऐसे में माना जा रहा है कि इन दो अधिकारियों के आने के बाद शायद समिति के रुख में कुछ बदलाव आए। वैसे कर्मचारी इनकी मौजूदगी से भी ज्यादा आशांवित नहीं दिख रहे हैं।

Category: Indian Railways, News

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