रेलवे : कॉमर्शियल विभाग के कैडर मर्ज के आदेश पर कोर्ट की रोक

| January 7, 2019

जयपुर| कैट की जयपुर पीठ ने रेलवे बोर्ड की ओर से 22 फरवरी को जारी आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही रेलवे बोर्ड से 11…

कैट की जयपुर पीठ ने रेलवे बोर्ड की ओर से 22 फरवरी को जारी आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही रेलवे बोर्ड से 11 अप्रैल तक जवाब मांगा है। इस आदेश के अनुसार, रेलवे के वाणिज्यिक स्टाफ का विलय किया गया था। प्रार्थी राजेश मीना व अन्य की ओर से अधिवक्ता मुकेश अग्रवाल ने परिवाद दायर किया कि सातवें वेतन आयोग में रेलवे प्रशासन को सुझाव दिया गया था कि रेलवे के वाणिज्यिक विभाग के स्टाफ ईसीआरसी सीसी व टीसी की वेतन संरचना व तीनों श्रेणियों का एकीकरण, बढ़ती रेलें व नई तकनीक रिजर्वेशन में आने तथा पारस्परिक वरिष्ठता प्रचलित नियमानुसार रखें।








रेलवे बोर्ड ने वेतन आयोग की सिफारिशों को अनदेखा करते हुए 22 फरवरी को वाणिज्यिक विभाग की दो श्रेणियों (ईसीआरसी और टीसी) को एकीकृत करने का आदेश दे दिया था, जबकि इन तीनों पदों के भर्ती नियम, वेतन श्रृंखला, अनुभव व शैक्षणिक योग्यता अलग-अलग हैं। प्रार्थी जयपुर रेलवे स्टेशन पर इन्क्वायरी-कम-रिजर्वेशन क्लर्क (ईसीआरसी) है।








वह उच्च शैक्षणिक योग्यता के पद पर कार्यरत है तथा वेतन श्रृंखला भी उच्च है, लेकिन उसे रेलवे बोर्ड के 22 फरवरी के आदेश की पालना में निम्न शैक्षणिक योग्यता के पदों पर विलय किया जा रहा है, जो अनुचित है। कैट के इस आदेश का जयपुर समेत उप रेलवे के 350 कर्मचारियों पर असर पड़ेगा।

Category: Indian Railways, News

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