रेलवे के रनिंग स्टाफ को मिलेगा छुट्टी का वेतन, रेलवे बोर्ड ने आदेश जारी किये

| January 6, 2019

रेलवे बोर्ड में शिकायतें आ रही थीं कि सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की वेतन संरचना में संशोधित वेतन के अनुसार रनिंग स्टाफ को छुट्टी में वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। जिसे देखते हुए रेलवे बोर्ड ने आदेश दिया है कि अब उन्हें छुट्टी का भी लाभ मिलेगा। जीएस/एआईआरएफ और जीएस/एनएफआईआर ने भी इस संबंध में रेलवे बोर्ड को विभिन्न पत्र लिखा था। नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे मेन (एनएफआईआर) ने भी पीएनएम के मंच में मद संख्या 47/2018 के रूप में इस मामले को उठाया था। .








बोर्ड ने इस मामले की जांच कराई और स्पष्ट किया कि आईआरसी, वॉल्यूम-2 और आईआरईएम1 के नियम 924 1 ट के अनुसार सातवें केन्द्रीय वेतन आयोग की वेतन संरचना में संशोधित मूल वेतन पर रनिंग स्टाफ के छुट्टी वेतन की गणना के लिए वेतन तत्व यानि वर्तमान में 30 प्रतिशत अगले आदेश तक को शामिल किया जाएगा। इस मामले के आदेश देश के सभी रेलवे जोन को दे दी गई है। जिसका पत्र एनपी सिंह, संयुक्त निदेशक, स्थापना पीएंड ए रेलवे बोर्ड के द्वारा जारी किया गया है।




कड़ाके की सर्दी में यात्रियों से आधा घंटा पहले कंबल छीन लेगा रेलवे, जानें क्यों

यात्री से उसका स्टेशन आने से आधा घंटा पहले ये सभी सामान ले लिया जाएगा. ये कदम रेलवे ने सामान की चोरी रोकने के लिए उठाया है.

देश के कई हिस्सों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. इस कड़ाके की सर्दी में आपको ट्रेन से यात्रा करना भारी पड़ सकता है. अब रेलवे आपका स्टेशन आने से आधे घंटे पहले ही आपसे कंबल-चादर वापस लेने की तैयारी में है. दरअसल, कंबल, तकिए, चादर और तौलिए की चोरी रोकने के लिए रेलवे यह कदम उठाने जा रहा है.




ट्रेन से यात्रा के दौरान एसी कोच में यात्रियों को दो चादर, एक तकिया, एक तकिया कवर, एक तौलिया और एक कंबल दिया जाता है. यात्री पूरी होने के बाद यात्री ये सभी सामान अपनी सीट पर छोड़कर चले जाते हैं. उसके बाद कोच में तैनात कर्मचारी वो सभी सामान उठाकर ले जाता था. लेकिन हर वर्ष कैग की रिपोर्ट से खुलासा होता है कि यात्रा के दौरान ट्रेन से इतने लाख तौलिए चोरी हो गए और इतने लाख चादर, कंबल और ताकिया कवर.

इसे रोकने के लिए हाल ही में रेल मंत्रालय ने एक नया फरमान जारी किया है. रेल राज्यमंत्री राजेन गोहांई के अनुसार अब एसी कोच में यात्रा कर रहे यात्री से उसका स्टेशन आने से आधा घंटा पहले ये सभी सामान ले लिया जाएगा. ये कदम रेलवे ने इस सामान की चोरी रोकने के लिए उठाया है. ये जानकारी लोकसभा में दी गई है.

तौलिए की जगह अब यूज एण्ड थ्रो वाला नैपकिन

देखने में आया है कि ट्रेन यात्रा के दौरान सबसे ज्यादा तौलिए चोरी होते हैं. तौलिए चोरी की संख्या ज्यादा होती है. इसी को देखते हुए अब तौलिए की जगह यूज एण्ड थ्रो वाला नैपकिन देना शुरु कर दिया है. हालांकि की रेलवे के सभी ज़ोन में ये लागू नहीं हुआ है. लेकिन सफाई के लिहाज से इसे ज्यादा कारगर माना जा रहा है.

एक साल में 14 करोड़ का सामान हुआ चोरी

सोर्स की मानें तो वर्ष 2017-18 में रेल यात्रा के दौरान 14 करोड़ रुपये की चादर, तकिया, कंबल, तौलिया और तकिया कवर चोरी हुआ था. एक मोटे अनुमान के अनुसार 12,83,415 तौलिए, 4,71,077 चादर और 3,14,952 तकिए के कवर चुरा लिए गए थे. इसके अलावा, 56,287 तकिए और 46,515 कंबल गायब हुए थे. हालांकि रेल अधिकारी चोरी गए इस सामान के आंकड़ों की जांच किए जाने की बात कह रहे हैं.

Category: Indian Railways, News

About the Author ()

Comments are closed.