पुरानी पेंशन पर नहीं बनी बात, हड़ताल का ऐलान

| December 29, 2018

पुरानी पेंशन के लिए आम सहमति बनने के रास्ते बंद होते दिख रहे हैं। इसके लिए बनी कमिटी अभी तक किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। इस बीच कई कर्मचारी संगठनों ने आठ जनवरी से होने वाली हड़ताल में शामिल होने का ऐलान कर दिया है। हालांकि 27 दिसंबर को कर्मचारी संगठनों की सरकार के साथ आखिरी वार्ता होनी है।

सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू) के प्रदेश महामंत्री प्रेमनाथ ने बताया कि उनकी तरफ से सभी संगठनों को पत्र दिया गया है। इसमें आठ और नौ जनवरी को हड़ताल का समर्थन करने की अपील की गई है। इसका एटक, इंटक, एचएमएस, एआईयूटीयूसी, एआईसीसीटीयू, टीयूसीसी और एलपीएफ संगठन ने स्वागत भी किया है।







सुनवाई न हाने पर नहीं होगी कोई वार्ता 

राज्य कर्मचारी महासंघ लल्लन पांडेय गुट ने पहले ही इस हड़ताल में शामिल होने का ऐलान कर चुका है। कर्मचारी संगठनों के साथ इसको लेकर वार्ता भी हो रही है। इसमें राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, उप्र चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ, राज्य कर्मचारी महासंघ जैसे प्रमुख संगठन शामिल हैं। परिषद के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी का कहना है कि 27 की बैठक में अगर कोई रिजल्ट नहीं आया तो उनकी तरफ से कोई वार्ता नहीं होगी और मुख्यमंत्री के नाम पत्र जारी कर दिया जाएगा। इसमें सभी बैठकों के नतीजे और आंदोलन की जानकारी दी जाएगी।








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सभी सरकारी बैंक, डाक, परिवहन, रेलवे, बिजली, बीएसएनएल, पोस्टल एम्प्लॉईज यूनियन।
वरिष्ठ कर्मचारी नेता रामराज दुबे के मुताबिक सरकार पुरानी पेंशन को लागू करने से बच रही है। दरअसल, यूपी के अलावा सभी राज्यों में पुरानी पेंशन को लेकर लड़ाई चल रही है। ऐसे में एक राज्य में अगर इसे लागू कर दिया गया तो भाजपा शासित बाकी राज्यों पर इसे लागू करने के लिए दबाव बनेगा। ऐसे में शासन और सरकार इसको टालने में लगे हैं। अगर दो महीने तक यह मामला आगे बढ़ गया तो आचार संहिता लागू हो जाएगी। इसके बाद चुनाव तक इसमें कोई कार्रवाई नहीं हो सकती है।
ये विभाग होंगे शामिल

Category: News, NPS, Pensioners

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