ट्रेनों के आरक्षित कोचो में टीटीई की तैनाती को लेकर बढ़ी मुश्किलें, ट्रेनों में टीटीई कमी को पूरा करेंगे रिजर्वेशन क्लर्क

| December 17, 2018

टीटीई की तैनाती नहीं होने से यात्री किराया और जुर्माना वसूली का संकटई-टिकट बुकिंग 65 प्रतिशत होने से विंडों टिकट पर ज्यादा दबाव नहीं
रेलवे में निरंतर ट्रेनें और कोच बढ़ने के अनुपात में चल टिकट परीक्षकों (टीटीई) की भर्ती नहीं होने से रेलवे मुश्किल दौर से गुजर रहा है। लिहाजा यात्रियों की सुविधा और राजस्व चोरी रोकने के लिए टीटीई की जगह पूछताछ लिपिक एवं आरक्षण लिपिक (ईसीआरसी) को तैनात करने का फैसला लिया गया है। फिलहाल रेलवे ने रिजर्वेशन क्लर्को को अस्थायी तौर पर तैनात किया जाएगा। लेकिन संभव है कि इन क्लर्को की अस्थायी तौर पर ही, किन्तु उन्हें नियमित रूप से ट्रेनों में चलाया जाए।








इस संबंध में रेलवे का तर्क है कि ई-टिकट के जरिये आरक्षित टिकटों की बुकिंग 65 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। ऐसे में रेल आरक्षण केंद्रों में टिकट बुकिंग काउंटरों पर ज्यादा रिजर्वेशन क्लर्को की जरूरत नहीं है। सूत्रों के अनुसार रेलवे में जिस तरह से नई ट्रेनों और नियमित तौर पर चलने वाली ट्रेनों में कोच की वृद्धि हो रही है उस तरह से टीटीई भर्ती नहीं हो रही है। बीते कई वर्ष से टीटीई सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन उनके स्थान पर पर्याप्त टीटीई नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में मौजूदा टीटीई पर काम का दबाव बढ़ता जा रहा है।




ट्रेन में एक टीटीई को अपने निर्धारित आरक्षित कोच से अधिक कोच की जांच करनी पड़ रही है। रेलवे में करीब 80 हजार पद टीटीई के हैं। इनमें से करीब 25 प्रतिशत टीटीई कम हैं। इस वजह से जोनल रेलवे के सामने आरक्षित कोच में पर्याप्त संख्या में टीटीई की तैनाती करने में मुश्किलें पेश आ रही हैं। जोनल रेलवे स्तर पर तमाम कोशिश के बावजूद ट्रेनों में पर्याप्त संख्या में टीटीई तैनात करने की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इससे रेलवे को यात्री किराये और जुर्माने के तौर पर राजस्व की चोरी की भी आशंका बढ़ रही है।




सूत्रों के अनुसार इस समस्या के समाधान के लिए रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहनी और बोर्ड के सदस्य स्टाफ, सदस्य यातायात व वित्त आयुक्त ने व्यापक र्चचा की। इसके बाद यह निर्णय किया गया कि ट्रेनों में टीटीई की कमी को पूरा करने के लिए पूछताछ लिपिक एवं आरक्षण लिपिक (ईसीआरसी) को तैनात किया जाए। इस संबंध में रेलवे बोर्ड का तर्क है कि ई-टिकट बुकिंग 65 प्रतिशत होने के कारण विंडों पर टिकट बुकिंग कम हो गयी है। ऐसे में ईसीआरसी को टीटीई की जगह ट्रेनों में तैनात किया जा सकता है।

इससे टिकट चेकिंग का काम छूटेगा नहीं और जांच के दौरान बिना टिकट यात्री से किराया और जुर्माना वसूला जा सकेगा। हांलाकि रेलवे बोर्ड ने रिजर्वेशन क्लर्को को टीटीई का काम सौंपने से पहले उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया गया है। इस आशय का आदेश रेलवे बोर्ड की ओर से सभी जोनल रेलवे को भेजा गया है। समझा जाता है कि इस आदेश के बाद ईसीआरसी को टीटीई को तैनात करने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। 

Category: Indian Railways, News

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