7वां वेतन आयोग: केंद्रीय कर्मचारियों को मिला ‘डबल’ फायदा, मोदी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

| December 16, 2018

सातवें वेतन आयोग के लागू होने का इंतजार कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों को मोदी सरकार ने डबल तोहफा दिया है. मोदी सरकार ने ऐसा कदम उठाया है, जिसका सीधा फायदा केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा









सातवें वेतन आयोग के लागू होने का इंतजार कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों को मोदी सरकार ने डबल तोहफा दिया है. मोदी सरकार ने ऐसा कदम उठाया है, जिसका सीधा फायदा केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा. पहला यह कि राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) में केंद्र का योगदान अब 10 फीसदी से बढ़ाकर 14 फीसदी कर दिया गया है. सरकार के इस फैसले से 18 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को फायदा होगा. मंत्रिमंडल ने कर्मचारियों के 10 प्रतिशत तक योगदान के लिए आयकर कानून की धारा 80 सी के तहत कर प्रोत्साहन को भी मंजूरी दी. सरकार ने चुनाव नतीजों के चलते इस फैसले की घोषणा नहीं की थी. सरकार ने इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी है. हालांकि, कर्मचारियों का न्यूनतम योगदान 10 प्रतिशत बना रहेगा.




रिटायरमेंट के फंड निकालने पर टैक्स नहीं
इसके अलावा दूसरा तोहफा यह मिला है कि उन्हें रिटायरमेंट के वक्त पूरा पैसा निकालने पर कोई टैक्स नहीं देना होगा. यह निर्णय पिछले हफ्ते हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया है. सरकारी कर्मचारियों को कुल कोष में से 60 प्रतिशत अंतरित करने को मंजूरी दी गई, जो फिलहाल 40 प्रतिशत है. सूत्रों ने कहा कि साथ ही कर्मचारियों के पास निश्चित आय उत्पादों या शेयर इक्विटी में निवेश का विकल्प होगा.




केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि एनपीएस में जो बदलाव किए गए हैं वो केंद्रीय कर्मियों के हितों को ध्यान में रखते हुए किए हैं. एनपीएस के तहत, सब्सक्राइबर 60 फीसदी तक कॉर्पस निकाल सकता है. वहीं, बचा हुआ 40 फीसदी फंड वार्षिकी भुगतान के रूप में मिलता है. एनपीएस एक सरकारी योजना है, जिसे सरकारी कर्मचारियों के लिए जनवरी 2004 में लॉन्च किया गया था. इसके बाद 2009 में सभी वर्गों के लिए खोला गया. सातवें वेतन आयोग ने सचिवों की एक समिति गठित करने भी सिफारिश की थी, जिसके बाद समिति गठिक की गई और उसने 2018 में अपनी रिपोर्ट सौंपी.

Category: News, Seventh Pay Commission

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