पुुरानी पेंशन के लिए आन्दोलन की तैयारी

| December 14, 2018

कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी-पुरानी पेंशन बहाली मंच की तीन दिवसीय हड़ताल के बाद पुरानी पेंशन बहाली के लिए बनाई गई आठ सदस्यीय समिति की हीलाहवाली से नाराजगी बढ़ती जा रही है। मंच के नेताओं ने एक बार फिर आन्दोलन का निर्णय लिया है। .








यह निर्णय गुरुवार को प्रदेश के लगभग 120 संघ, संगठनों और महासंघों के प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश मंत्रियों की उपस्थिति में लिया गया। 

संघ भवन डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ लोक निर्माण विभाग में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी जनवरी 2019 की शुरुआत में प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाली के लिए उच्च पदाधिकारियों की ओर से प्रदेश का दौरा कर जनजगारण अभियान शुरू कर दिया जायेगा। अंतिम सप्ताह में प्रदेश में जनपद मुख्यालयों सहित राजधानी में एक दिवसीय धरना और शाम को मशाल जुलूस निकाल कर विरोध दर्ज कराया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष डॉ. दिनेश चन्द्र शर्मा ने की। संयोजक हरिकिशोर वितारी ने कहा कि सरकार की असंवेदनशीलता पर कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी नाराज हैं। .








एनपीएस गो बैक के नारों से गूंजा धर्मशाला का जोरावर स्टेडियम

विधानसभा भवन तपोवन के साथ लगते जोरावर स्टेडियम में शुक्रवार को प्रदेश भर के कर्मचारियों ने न्यू पेंशन स्कीम के विरोध में मोर्चा खोल दिया। प्रदेशभर में कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। साथ ही कर्मचारियों ने एनपीएस गो बैक के नारे भी लगाए।

न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के बैनर तले हुए धरना-प्रदर्शन में प्रदेश के कोने-कोने से कर्मचारी पहुंचे हुए थे। इस मौके पर न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेश ठाकुर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. संजीव गुलेरिया, महासचिव भरत शर्मा और जिला कांगड़ा अध्यक्ष राजेंद्र मिन्हास ने कहा कि 10

मई 2003 को प्रदेश के कर्मचारियों की पेंशन सुविधा को बंद कर सरकार ने कर्मचारियों के हितों के साथ खिलवाड़ किया है। इसी का नतीजा है कि कर्मचारियों को अपनी पेंशन बहाली के लिए सरकार को घेरना पड़ रहा है।

इस दौरान कर्मचारियों ने एक नारा भी दिया, जो पुरानी पेंशन बहाल करेगा, वही देश पर राज करेगा। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि जब विधायक और सांसदों को पेंशन दी जा सकती है तो 60 वर्ष तक अपनी सेवाएं देने वाले कर्मचारियों को इससे महरूम क्यों रखा जा रहा है।

लोकसभा चुनाव में खड़ा करेंगे कर्मचारी नेता

इस अवसर पर स्टेट कार्यकारिणी के उपप्रधान अरुण धीमान, कपिल राघव, सुभाष शर्मा, नित्यानंद, महेश कुमार, मोती नेगी, राज्य संगठन सचिव भिंदर, संयुक्त राज्य सचिव अजय राणा, पंकज शर्मा, अशोक ठाकुर, सीआर ठाकुर, वेद प्रकाश, मुख्य संयोजक जगदेव चौहान, मुख्य सलाहकार राजिंद्र स्वदेशी,

मुख्य प्रवक्ता कुशाल शर्मा, महिला विंग प्रदेश अध्यक्ष सीमा चौहान, राज्य महिला विंग सचिव ज्योतिका मेहरा, मंडी के प्रधान प्रदीप ठाकुर, सोलन प्रधान श्याम लाल गौतम, कुल्लू प्रधान विनोद वौद्ध, बिलासपुर प्रधान राजिंद्र कुमार वर्धन, हमीरपुर प्रधान राकेश

कुमार, किन्नौर जिला प्रधान वीरेंदर जिंतु, ऊना के प्रधान कमल चौधरी, सिरमौर के प्रधान सुनील तोमर आदि मौजूद रहे। डॉ. संजीव गुलेरिया ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल नहीं किया तो लोकसभा चुनाव में कर्मचारी सभी चारों सीटों से अपने उम्मीदवार उतारेंगे।

उन्होंने कहा कि महासंघ ने फैसला लिया है कि नोटा को दबाने के बजाय कर्मचारी अपने ही किसी साथी को वोट डालने की अपील करेंगे, जिससे प्रदेश सरकार को कर्मचारियों की ताकत का एहसास हो सके।

 

Category: News, NPS, Pensioners

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