कर्मचारी 60 वर्ष में ही होंगे रिटायर, सरकार का फैसला

| December 12, 2018

कर्मचारियों की सेवानिवृत्त की आयु 60 वर्ष ही होगी। राज्य कर्मियों के 58 वर्ष की आयु पर रिटायर होने की संभावनाओं पर पूर्ण विराम लग गया। मुख्य सचिव अनूपचंद्र पाण्डेय व राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रतिनिधिमण्डल के बीच मंगलवार को हुई बैठक में राज्यकर्मियों की सेवानिवृति की आयु 60 वर्ष करने सहित कर्मचारियों के इलाज के बकाये का भुगतान, स्तरोनयन वेतनमान के लिए उत्तम की बाध्यता समाप्ति के साथ कई अहम निर्णय लिये गए।








मालूम हो कि पिछले दिनों उच्च न्यायालय की ओर से राज्य कर्मचारियों की सेवानिवृत्त की आयु 58 वर्ष करने की बाद कही गयी थी।राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी ने बताया कि आउटसोर्सिग, संविदा, अंशकालीन, दैनिक वेतन भोगी, तदर्थ, नियत वेतनभोगी कार्मिकों के उत्पीड़न और अकारण हटाने पर प्रतिबंध के साथ ही वेतन समिति की रिपोर्ट को जल्द लागू करने का फैसला हुआ। कैशलेस सुविधा एक माह में लागू करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया।




बैठक में अपर मुख्य सचिव कार्मिक मुकुल सिंघल, अपर मुख्य सचिव पंचायती राज राजेन्द्र कुमार, प्रमुख सचिव राजस्व सुरेश चन्द्रा, विशेष सचिव साची, विशेष सचिव चिकित्सा उमेश मिश्रा तथा राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी, शिवबरन सिंह यादव, संजीव कुमार गुप्ता, अविनाश चन्द्र श्रीवास्तव, गंगेश शुक्ला, अम्बा प्रकाश शर्मा, सुभाष चन्द्र तिवारी मौजूद रहे। परिषद के मीडिया प्रभारी मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि राज्य कर्मियों के सेवानिवृत्त की आयु 60 वर्ष में ही सेवानिवृत्ति के विगत 13 वर्ष पूर्व किये गये आदेश का न्याय कार्मिक विभाग से परीक्षण कराकर शासन एवं सरकार से उचित कार्रवाई कराते हुए 60 वर्ष में सेवानिवृत्त किये जाने का ही निर्णय लिया गया।




राज्य कर्मचारियों के इलाज के लिए निजी अस्पतालों मेंइलाज के लिए उच्च न्यायालय द्वारा प्रतिबन्ध लगाने पर शासन के निर्णय के परिप्रेक्ष्य में पुराने बिलों को भुगतान कराने के लिए आदेश जारी होगा तथा इसे कर्मचारी हित में कराने की पैरवी की जायेगी। राज्य कर्मचारी सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञों के नहीं होने पर निजी अस्पतालों में इलाज कराते है, परन्तु भुगतान अस्पतालों की दरों पर ही होता है, उनके बकाया का भुगतान अब शीघ्र संभव होगा।

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