होम लोन ट्रांसफर कर घटा सकते हैं ईएमआई का बोझ

| November 27, 2018

रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पिछले तीन मौद्रिक नीति समीक्षाओं में से दो में रेपो दर 50 आधार अंक (बीपीएस) बढ़ा दी है। इसके चलते बैंकों से होम लोन लेना महंगा हो गया है। एसबीआई की होम लोन के ब्याज पर नजर डाले तो नवंबर-2017 में यह 7.95% था जो नवंबर-18 में बढ़कर 8.50% हो गया। यानी होम लोन की ईएमआई बढ़ गई है। अगर, आप भी बढ़ी हुई ईएमआई के बोझ से परेशान है तो इसको किसी दूसरे बैंक में  ट्रांसफर करा कर राहत पा सकते हैं। लेकिन, यह तभी फायदेमंद है, जब दूसरे बैंक की ब्याज दर और आपके पहले बैंक की ब्याज दर में अच्छा अंतर हो। आइए जानते हैं कि होम लोन कब ट्रांसफर करना फायदेमंद होगा और किन बातों का ख्याल रखना चाहिए।








-35 बेसिक प्वॉइंट की वृद्धि हुई है पिछले एक साल में एमसीएलआर में 
-50 लाख रुपए के ऋण की ईएमआई 42,917 बढ़कर क 44,505 रुपए हो जाएगी
-1 से 3% तक एनबीएफसी प्रोसेसिंग चार्ज के रूप में लेते हैं लोन की रकम का
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एमसीएलआर बढ़ने से इस तरह बढ़ी होम लोन पर ब्याज दरें 
बैंक                          नवंबर 17  नवंबर 18 बीपीएस में बदलाव
एसबीआई 7.95% 8.50% 55
बैंक ऑफ बड़ौदा  8.30% 8.65% 35
आईडीबीआई बैंक 8.65% 8.95% 30
पीएनबी 8.15% 8.50% 35
केनरा बैंक  8.30% 8.70% 40




प्राइवेट बैंकों में अधिक बढ़ोतरी

बैंक       नवंबर 17  नवंबर 18 बीपीएस में बदलाव
एचडीएफसी बैंक 8.10% 8.70% 60
आईसीआईसीआई बैंक 8.20% 8.70% 50
कोटक महिंद्रा बैंक 8.60% 9.00% 40
एक्सिस बैंक  8.25% 8.75% 50
इंडसइंड बैंक  8.85% 9.70% 85
नोट: बीपीएस यानी बेसिस प्वाइंट। उदाहरण के लिए अगर 25 बेसिस प्वाइंट की वद्धि तो होम लोन 0.25% महंगा हुआ।

एनबीएफसी की बढ़ी हिस्सेदारी 
साल             बैंक                  एनबीएफसी
मार्च, 2016   64 36
मार्च, 2017   63 37
मार्च, 2018  61 39

सरकारी बैंकों को दें तवज्जो
अगर आप होम लोन ट्रांसफर करने की तैयारी कर रहे हैं और महंगे ब्याज दर से परेशान है तो सरकारी बैंकों की ओर रुख करना बेहतर होगा। एनबीएफसी और प्राइवेट बैंकों के मुकाबले आपको कम ब्याज पर होम लोन मिल जाएगी।

लगने वाले शुल्क को पहले पता करें 
होम लोन का बैलेंस ट्रांसफर मुफ्त में नहीं होता है। नया ऋणदाता आपके होम लोन बैलेंस ट्रांसफर के आवेदन को एक नए आवेदन मानेगा। इसका मतलब कि आपको प्रोसेसिंग फीस का भुगतान करना पड़ सकता है।




लोन की अवधि 10 से अधिक तभी फायदेमंद 
होम लोन ट्रांसफर करने से पहले यह गणना करें कि इसपर आने वाला कुल खर्च आपकी बचत से अधिक है या नहीं। अगर, लोन 4 से 5 साल शेष है तो करना नुकसान का सौदा होगा। होम लोन लंबी अवधि के लिए बचा हो तो ही करना फायदेमंद होता है। आमतौर पर लोन की अवधि 10 साल से अधिक या नई ब्याज दर मौजूदा दर से कम से कम 1% कम हो तो होम लोन ट्रांसफर करना फायदेमंद होता है।

इन बातों की जानकारी जरूरी
होम लोन को ट्रांसफर कराने में नए बैंक की प्रोसेसिंग फी, प्रॉपर्टी को जांचने का खर्च, कागजी खर्च, स्टैंप ड्यूटी और इंश्योरेंस खर्च शामिल होता है। होम लोन प्रोवाइडर को स्विच करने से पहले इस बात की जानकारी जरूर रखें। भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार, कोई भी वित्तीय संस्थान फ्लोटिंग ब्याज दर पर किसी भी प्रकार का

फोरक्लोजर चार्ज लागू नहीं कर सकता। 
कौन से डॉक्युमेंट चाहिए
होम लोन ट्रांसफर के लिए आवेदक की फोटो, बैंक खाते की डिटेल, पहचान पत्र व पते की कॉपी, आय का सबूत, आदि दस्तावेज जरूरी होते हैं।

कौन कर सकता है आवेदन
अगर आपने होम लोन ईएमआई की कम-से-कम 12 मासिक किस्तों का भुगतान कर दिया है, तभी आप अपने होम लोन का बैलेंस ट्रांसफर करा सकते हैं।

Category: Banking, Home Loans, News

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