अगले महीने वर्क टू रूल से हड़ताल का संकेत देंगे रेलवे कर्मचारी

| November 5, 2018

ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन ने तय किया है कि 12 दिसंबर से रेलवे कर्मचारी वर्क टू रूल के तहत कार्य कर रेलवे में…

ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन ने तय किया है कि 12 दिसंबर से रेलवे कर्मचारी वर्क टू रूल के तहत कार्य कर रेलवे में हड़ताल का संकेत देंगे। कोटा में संपन्न हुए फेडरेशन के तीन दिवसीय वार्षिक अधिवेशन में शामिल नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एंप्लॉइज यूनियन के मंडल सचिव मनोज कुमार परिहार ने कहा कि न्यू पेंशन स्कीम, रेलवे में निजीकरण व रिक्त पदों को लेकर रेलवे मंत्रालय कर्मचारी हित में कोई फैसला नहीं कर रहा है।








अब कर्मचारी अपना ही काम करेगा, उस पर जो काम का बोझ डाला हुआ है, उसे छोड़ देगा तो रेलवे का कामकाज ठप होने की स्थिति में आ जाएगा। अधिवेशन में चेयरमैन रेलवे बोर्ड अश्वनी लोहानी ने आश्वासन दिया है कि कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। यूनियन की मंडल इकाई और कार्यशाला शाखा से करीब 300 पदाधिकारी तथा कार्यकर्ताओं के अधिवेशन में शामिल होकर शनिवार को विशेष ट्रेन से भगत की कोठी पहुंचने पर रेलवे कर्मचारियों ने स्वागत किया।




>कोटा. इस समय देश में रेलवे संकट की स्थिति से गुजर रहा है। केन्द्र सरकार रेलवे को टुकड़े-टुकड़े में निजी हाथों में सौंपने का प्रयास कर रही है। रेलवे के निजीकरण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारतीय रेल को बचाने के लिए सशक्त कदम उठाए जाएंगे। यह बात ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के महामंत्री शिवगोपाल मिश्र ने कही।
कोटा में गुरुवार से आयोजित ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के 94वें अधिवेशन की तैयारियों को लेकर मिश्र ने कहा कि 1 से 3 नवम्बर तक आयोजित अधिवेशन में देशभर से 10 हजार से अधिक रेलवे कर्मचारी जुटेंगे। इसमें भारतीय रेलवे के 17 जोन यूनियन व 7 प्रोडक्शन यूनिट दिल्ली के कर्मचारी भाग लेंगे।




अधिवेशन में केन्द्र सरकार द्वारा रेलवे को निजी हाथों में सौंपने के विरोध में चक्काजाम का प्रस्ताव लिया जाएगा। सेफ्टी से जुड़े 2.5 लाख से ज्यादा खाली पदों को भरने, इंसेंटिव बोनस, रनिंग अलाउंस सहित विभिन्न मुद्दों पर निर्णय लिया जाएगा। यदि सरकार रेलकर्मियों की मांगों पर ध्यान नहीं देती है तो भारतीय रेलवे को बचाने के लिए आम जनता को आंदोलन से जोड़ा जाएगा। रेलवे कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर दिसम्बर में तमाम केंद्र व राज्य कर्मचारियों को साथ लेकर संसद पर शीतकालीन सत्र के दौरान जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा।
रनिंग अलाउंस सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर जो प्रस्ताव फेडरेशन द्वारा लिया गया है, उसे दिसम्बर तक लागू करने के लिए 45 दिन का समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि जो पार्टी उनकी मांगों को लागू नहीं करेगी, चुनावों में उसका समर्थन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में रेलवे में 12.50 लाख कार्मिक है। इनमें से फेडरेशन के देशभर में दस लाख सदस्य हैं।

बिकने नहीं देंगे

फेडरेशन के अध्यक्ष रखालदास गुप्ता ने कहा कि रेलवे का निजीकरण किसी के हित में नहीं है। निजी हाथों में जाने से तीन से चार गुना किराया बढ़ जाएगा। कम्पनियां अपने हिसाब से किराया तय करेंगी। सुरक्षा की कोई जिम्मेदारी नहीं रहेगी। वर्तमान में कर्मचारियों से ओवरटाइम करवाया जा रहा है। उन्हें आराम नहीं मिलने से सुरक्षा खतरे में है। रेलवे के निजीकरण का हम विरोध करेंगे। चक्काजाम से देश की जनता को तकलीफ होगी। हम जनता से माफी मांगते हैं, लेकिन सरकार हमें मजबूर कर रही है। रेलवे को किसी भी सूरत में बिकने नहीं होने देंगे।

रेलवे बोर्ड अध्यक्ष भी आएंगे
अधिवेशन में रेलवे बोर्ड अध्यक्ष अश्वनी लोहानी व वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे जोन के महाप्रबंधक अजय विजयवर्गीय भाग लेंगे। फेडरेशन के पदाधिकारी रेलवे के निजीकरण को रोकने व पुरानी पेंशन नीति बहाल करने को लेकर लोहानी से वार्ता करेंगे।

ये रहेगा कार्यक्रम

सुबह 10 बजे : उमरावमल पुरोहित सभागार , महिला कर्मचारियों का सम्मेलन होगा।
दोपहर 12 बजे बाद : रेलवे इंस्टीट्यूट में वर्किंग कमेटी की बैठक होगी।

दोपहर 2.30 बजे : विशाल रैली निकलेगी।
शाम 4.30 बजे : प्लेटफॉर्म 4 के पास खुला अधिवेशन।

रात 8.30 बजे : रेलवे स्टेडियम में राष्ट्रीय व अन्तरराष्ट्रीय स्तर के कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुति होगी।

Category: Indian Railways, News

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