देश की पहली इंजन रहित ट्रेन पटरी पर दौड़ी

| October 30, 2018

इंटिग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) द्वारा यहां सौ करोड़ रुपये की लागत से *तैयार देश की पहली इंजन-रहित ट्रेन ‘ट्रेन 18′ का सोमवार को रेलवे बोर्ड *के अध्यक्ष अश्विनी लोहानी ने अनावरण किया।.

माना जा रहा है कि यह पुरानी शताब्दी ट्रेनों की जगह लेगी। आईसीएफ के एक अधिकारी ने कहा कि लोहानी ने आईसीएफ परिसर में ‘ट्रेन-18′ को झंडी दिखाकर रवाना किया। आने वाले महीनों में यह परीक्षणों के दौर से गुजरेगी। .








लोहानी ने कहा कि पूरी तरह से वातानुकूलित ट्रेन सेल्फ प्रपल्शन मॉड्यूल से चलेगी और अगर आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराया जाए तो इसमें देश की सबसे तेज गति से चलने वाली रेलगाड़ी बनने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि ट्रेन की पांच और इकाइयों का निर्माण वर्ष 2019-20 के अंत तक आईसीएफ द्वारा निर्माण किया जाएगा। .

कुल 16 कोच वाली यह ट्रेन सामान्य शताब्दी ट्रेन के मुकाबले करीब 15 प्रतिशत कम समय लेगी। लोहानी ने कहा, गर्व की बात है कि भारत ने पहली बार ऐसी ट्रेन का निर्माण किया है और वह भी आईसीएफ ने महज 18 महीने में इस काम को अंजाम दिया। निर्माण वर्ष 2018-19 के अंदर ट्रेन की एक और इकाई का निर्माण हो जाएगा। यह ट्रेन 160 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है।.




चेन्नई में सोमवार को देश की पहली इंजन-रहित ट्रेन ‘ट्रेन 18′ का रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्विनी लोहानी ने अनावरण किया। ‘ पे्रट्र.

चेन्नई | एजेंसियां.

इंटिग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) द्वारा यहां सौ करोड़ रुपये की लागत से *तैयार देश की पहली इंजन-रहित ट्रेन ‘ट्रेन 18′ का सोमवार को रेलवे बोर्ड *के अध्यक्ष अश्विनी लोहानी ने अनावरण किया।.

माना जा रहा है कि यह पुरानी शताब्दी ट्रेनों की जगह लेगी। आईसीएफ के एक अधिकारी ने कहा कि लोहानी ने आईसीएफ परिसर में ‘ट्रेन-18′ को झंडी दिखाकर रवाना किया। आने वाले महीनों में यह परीक्षणों के दौर से गुजरेगी। .




लोहानी ने कहा कि पूरी तरह से वातानुकूलित ट्रेन सेल्फ प्रपल्शन मॉड्यूल से चलेगी और अगर आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराया जाए तो इसमें देश की सबसे तेज गति से चलने वाली रेलगाड़ी बनने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि ट्रेन की पांच और इकाइयों का निर्माण वर्ष 2019-20 के अंत तक आईसीएफ द्वारा निर्माण किया जाएगा। .

कुल 16 कोच वाली यह ट्रेन सामान्य शताब्दी ट्रेन के मुकाबले करीब 15 प्रतिशत कम समय लेगी। लोहानी ने कहा, गर्व की बात है कि भारत ने पहली बार ऐसी ट्रेन का निर्माण किया है और वह भी आईसीएफ ने महज 18 महीने में इस काम को अंजाम दिया। निर्माण वर्ष 2018-19 के अंदर ट्रेन की एक और इकाई का निर्माण हो जाएगा। यह ट्रेन 160 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है।.

Category: Indian Railways, News

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