त्योहार पर ट्रेनों में 2.28 लाख अतिरिक्त सीटें

| October 27, 2018

दिवाली और छठ पूजा में लोग अपने घर पहुंच सकें, इसके लिए दिल्ली से जाने वाली ट्रेनों में दो लाख अतिरिक्त सीटों की व्यवस्था की गई है। त्योहार पर घर जाने वाले यात्रियों के लिए 89 विशेष ट्रेनें चलाने की घोषणा कर दी गई है, जबकि एक-दो दिनों में 15 और विशेष ट्रेनें घोषित हो जाएंगी। इसके साथ ही नियमित ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाए जा रहे हैं। आरक्षित के साथ ही अनारक्षित ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं, जिससे कि लोग जनरल टिकट लेकर भी सफर कर सकें। 1दिवाली और छठ पर यात्रियों की भीड़ को संभालना रेल प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है। इसलिए रेल अधिकारी पहले से ही इसकी तैयारी में जुट जाते हैं। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक विश्वेश चौबे का कहना है कि रेलवे स्टेशनों पर दो से 13 नवंबर तक ज्यादा भीड़ रहेगी। लोगों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त संख्या में ट्रेनें चलाने के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, चिकित्सा सुविधा सहित अन्य सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।









पूर्व दिशा के लिए चलेंगी ज्यादातर ट्रेनें : इन दिनों रेलवे स्टेशनों पर सबसे ज्यादा भीड़ उत्तर प्रदेश और बिहार के यात्रियों की होती है। इसलिए सबसे ज्यादा 78 विशेष ट्रेनें भी पूर्व दिशा के लिए चलाई जा रही हैं। इनमें से 28 ट्रेनें अनारक्षित हैं, जिससे वे लोग भी आसानी से घर जा सकें जो किसी कारणवश आरक्षित टिकट लेने में असमर्थ हैं। 18 नियमित ट्रेनों में अतिरिक्त कोच भी लगाए जा रहे हैं। 10 रैक रिजर्व रखे जाएंगे, जिससे कि स्टेशन पर भीड़ बढ़ते ही अल्प घोषणा पर विशेष ट्रेन चलाई जा सके।

सीसीटीवी कैमरे से होगी स्टेशन परिसर की निगरानी : सुरक्षा के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), रेलवे सुरक्षा विशेष बल (आरपीएसएफ) के अतिरिक्त जवानों की तैनाती की जाएगी। इसके साथ ही भीड़ को संभालने के लिए भारत स्काउट एंड गाइड एवं सिविल डिफेंस के प्रतिनिधि भी स्टेशन पर तैनात किए जाएंगे। पूरे परिसर की सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जाएगी। भीड़ प्रबंधन में कोई चूक न हो, इसके लिए विशेष ड्यूटी अधिकारी की तैनाती की जाएगी। राजकीय रेलवे पुलिस, दिल्ली पुलिस, यातायात पुलिस, बम निरोधक दस्ते और अग्निशमन विभाग से समन्वय बनाकर रखा जाएगा, जिससे कि किसी भी अप्रिय स्थिति को टाला जा सके।




दिवाली और छठ पूजा में लोग अपने घर पहुंच सकें, इसके लिए दिल्ली से जाने वाली ट्रेनों में दो लाख अतिरिक्त सीटों की व्यवस्था की गई है। त्योहार पर घर जाने वाले यात्रियों के लिए 89 विशेष ट्रेनें चलाने की घोषणा कर दी गई है, जबकि एक-दो दिनों में 15 और विशेष ट्रेनें घोषित हो जाएंगी। इसके साथ ही नियमित ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाए जा रहे हैं। आरक्षित के साथ ही अनारक्षित ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं, जिससे कि लोग जनरल टिकट लेकर भी सफर कर सकें। दिवाली और छठ पर यात्रियों की भीड़ को संभालना रेल प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है। इसलिए रेल अधिकारी पहले से ही इसकी तैयारी में जुट जाते हैं। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक विश्वेश चौबे का कहना है कि रेलवे स्टेशनों पर दो से 13 नवंबर तक ज्यादा भीड़ रहेगी। लोगों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त संख्या में ट्रेनें चलाने के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, चिकित्सा सुविधा सहित अन्य सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

पूर्व दिशा के लिए चलेंगी ज्यादातर ट्रेनें : इन दिनों रेलवे स्टेशनों पर सबसे ज्यादा भीड़ उत्तर प्रदेश और बिहार के यात्रियों की होती है। इसलिए सबसे ज्यादा 78 विशेष ट्रेनें भी पूर्व दिशा के लिए चलाई जा रही हैं। इनमें से 28 ट्रेनें अनारक्षित हैं, जिससे वे लोग भी आसानी से घर जा सकें जो किसी कारणवश आरक्षित टिकट लेने में असमर्थ हैं। 18 नियमित ट्रेनों में अतिरिक्त कोच भी लगाए जा रहे हैं। 10 रैक रिजर्व रखे जाएंगे, जिससे कि स्टेशन पर भीड़ बढ़ते ही अल्प घोषणा पर विशेष ट्रेन चलाई जा सके।




सीसीटीवी कैमरे से होगी स्टेशन परिसर की निगरानी : सुरक्षा के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), रेलवे सुरक्षा विशेष बल (आरपीएसएफ) के अतिरिक्त जवानों की तैनाती की जाएगी। इसके साथ ही भीड़ को संभालने के लिए भारत स्काउट एंड गाइड एवं सिविल डिफेंस के प्रतिनिधि भी स्टेशन पर तैनात किए जाएंगे। पूरे परिसर की सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जाएगी। भीड़ प्रबंधन में कोई चूक न हो, इसके लिए विशेष ड्यूटी अधिकारी की तैनाती की जाएगी। राजकीय रेलवे पुलिस, दिल्ली पुलिस, यातायात पुलिस, बम निरोधक दस्ते और अग्निशमन विभाग से समन्वय बनाकर रखा जाएगा, जिससे कि किसी भी अप्रिय स्थिति को टाला जा सके।स्टेशनों पर खोले जाएंगे अतिरिक्त टिकट काउंटर 1लोगों को टिकट लेने में दिक्कत न हो, इसके लिए अतिरिक्त टिकट काउंटर खोले जाएंगे। बिहार के अलग-अलग प्रमुख शहरों के लिए अलग-अलग काउंटर होंगे, जिन पर वहां का किराया भी लिखा होगा। इससे यात्रियों को टिकट लेने के लिए ज्यादा समय तक कतार में नहीं खड़ा होना होगा।

स्टेशन के बाहर बनाए जाएंगे अस्थायी प्रतीक्षालय रेलवे स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन के लिए रेल प्रशासन की ओर से विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। स्टेशन की इमारत के बाहर शामियाना लगाकर अस्थायी प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे, ट्रेन आने के समय पर ही लोगों को प्लेटफॉर्म पर जाने की अनुमति होगी। अस्थायी प्रतीक्षालय में बिजली, पानी, शौचालय, सफाई और जनता खाना की पर्याप्त व्यवस्था होगी।भीड़ के कारण तीन नवंबर से नहीं मिलेंगे प्लेटफॉर्म टिकट, बंद किए जाएंगे एस्केलेटर 1प्लेटफॉर्म पर ज्यादा भीड़ न हो इसके लिए तीन नवंबर से दिल्ली-एनसीआर के बड़े रेलवे स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री बंद कर दी जाएगी। भीड़ बढ़ने पर एस्केलेटर भी बंद कर दिए जाएंगे। बुजुर्गो व बीमार लोगों को दिक्कत न हो, इसके लिए अतिरिक्त गोल्फ कार्ट और व्हीलचेयर की व्यवस्था की जाएगी। प्रस्थान समय से 30 मिनट पहले ट्रेन प्लेटफॉर्म पर लगाई जाएगी ताकि अफरातफरी की स्थिति पैदा न हो। ट्रेनों के प्लेटफॉर्म भी नहीं बदले जाएंगे और यदि किसी कारणवश इसमें बदलाव करना पड़े तो इसकी उद्घोषणा पहले की जाएगी।

सर्दी में पड़ने वाले कोहरे के कारण सुरक्षित रेल परिचालन बड़ी चुनौती है। इसलिए इसकी तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है। रेलवे कर्मचारियों को इसे लेकर दिशा-निर्देश जारी किया जा रहा है। उन्हें सुरक्षित रेल परिचालन के लिए हर हाल में दिशा-निर्देश का पालन करने की हिदायत दी जा रही है। साथ ही कर्मचारियों की काउंसलिंग भी की जा रही है। दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से धुंध छाया रह रहा है, जिससे सुबह व रात में दृश्यता कम हो जा रही है। आने वाले दिनों में यह परेशानी और बढ़ेगी। ठंड बढ़ने के साथ ही कोहरे का प्रकोप भी शुरू हो जाएगा। प्रत्येक वर्ष कोहरे के कारण ट्रेन परिचालन बुरी तरह से बाधित होता है। ट्रेनें घंटों देरी से चलती हैं। कई ट्रेनें रद करनी पड़ती हैं। इसे ध्यान में रखकर प्रिंसिपल चीफ ऑपरेटिंग मैनेजर ने ट्रेनों की रफ्तार को लेकर सभी मंडलों को निर्देश जारी किए हैं।

कोहरे के दौरान ट्रेनों की रफ्तार धीमी की जाएगी। प्रत्येक ट्रेन के इंजन में सेफ्टी फॉग डिवाइस लगाया जाएगा। पूरी तरह से ऑटोमेटिक सिग्नल वाले सेक्शन पर ग्रीन सिग्नल मिलने पर ट्रेन की अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटे होगी। सिग्नल के हिसाब से ट्रेन की रफ्तार 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक कम करने को कहा गया है। यदि इंजन में लगा फॉग डिवाइस काम नहीं करता है तो ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा रखने का निर्देश दिया गया है। चालकों को सिग्नल पर विशेष सर्तकता बरतने को कहा गया है। इसके साथ ही चालकों, सहचालकों, सिग्नल व अन्य कर्मचारियों को कोहरे में बरती जाने वाली सावधानी की जानकारी दी जा रही है।

Category: Indian Railways, News

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