अब हॉर्न बजाते हुए धीमी गति से गुजरेगी रेलगाड़ी

| October 26, 2018

रेलवे ट्रैक के पास भीड़ दिखने पर रफ्तार कम करने का आदेश, अमृतसर में हुए हादसे के बाद रेलवे ने दिए निर्देश

अमृतसर जैसा हादसा टालने के लिए रेलवे ने चालकों, गार्ड, गेटमैन, स्टेशन मास्टर व रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को बरतने का निर्देश दिया है। रेलवे ट्रैक के नजदीक भीड़ की जानकारी मिलने पर तुरंत इसकी सूचना नजदीक के स्टेशन पर देने को कहा गया है। इसके साथ ही चालकों को हॉर्न बजाते हुए धीमी गति से भीड़-भाड़ वाले स्थान से गुजरने की हिदायत दी गई है। अमृतसर में दशहरा के दिन ट्रैक पर खड़े होकर रावन दहन देख रहे लोग ट्रेन की चपेट में आ गए थे, जिससे 59 लोगों की मौत हो गई थी तो कई गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। रेलवे का कहना है कि इस हादसे के लिए वह जिम्मेदार नहीं है क्योंकि उसे इस आयोजन की कोई सूचना नहीं दी गई थी।








दुर्घटनास्थल से लगभग चार सौ मीटर की दूरी पर क्रासिंग पर गेटमैन की तैनाती थी, लेकिन उसे भी ट्रैक पर भीड़ की जानकारी नहीं मिल सकी थी। 1इस हादसे को देखते हुए रेल प्रशासन ने रेल कर्मचारियों को विशेष सर्तकता बरतने की हिदायत दी है। इसे लेकर उत्तर रेलवे के सभी मंडलों को निर्देश जारी किया गया है। सभी रेल चालकों, सह चालकों, गार्ड, गेटमैन, कीमैन, स्टेशन मास्टर व आरपीएफ को सतर्क रहने को कहा है। उन्हें कहा गया है कि यदि ट्रैक पर कहीं भी भीड़, किसी उत्सव का आयोजन, मेला या अन्य आयोजन देखने को मिले तो तुरंत इसकी सूचना स्टेशन मास्टर को दी जानी चाहिए। यदि किसी और रेल कर्मचारी को भी इसकी जानकारी मिले तो उन्हें स्टेशन मास्टर को इसकी सूचना उपलब्ध करानी चाहिए । आरपीएफ को कहा गया है कि उन्हें रेलवे ट्रैक पर लोगों की भीड़ की जानकारी मिले तो कार्रवाई करने के साथ ही इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।




दिल्ली कैंट से रेवाड़ी के बीच चलने वाली स्टीम इंजन पर्यटक ट्रेन का परिचालन निजी हाथों में सौंपने की तैयारी है। रेलवे ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्टीम इंजन ट्रेन का परिचालन इसी माह से शुरू हुआ है। अगले वर्ष अप्रैल तक हर महीने के दूसरे शनिवार को यह ट्रेन पटरी पर उतरेगी। 1 इसमें सबसे पुराने स्टीम इंजन फेयरी क्वीन को लगाया गया है। वर्ष 1855 में बने इस इंजन को 2011 में तकनीकी खराबी के कारण पटरी से हटा लिया गया था। पिछले वर्ष यह पटरी पर लौटी है। इस विशेष पर्यटक टेन में 60 यात्री सफर कर सकते हैं।




यह विशेष ट्रेन 13 अक्टूबर को शुरू हुई है। इस वर्ष 10 नवंबर और 8 दिसंबर को तथा अगले वर्ष 12 जनवरी, नौ फरवरी, नौ मार्च और 13 अप्रैल को इसका परिचालन प्रस्तावित है। इसमें एक ओर का किराया 3240 रुपये तथा दोनों तरफ के सफर के लिए 6480 रुपये किराया निर्धारित किया गया है। वहीं, बच्चों का आधा किराया है, लेकिन निजी हाथों में जाने के बाद इस ट्रेन के टाइम टेबल के साथ ही किराया बदलने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि इसका संचालन करने वाली कंपनी रेलवे को एकमुश्त राशि देगी। उसके बाद वह ट्रेन का किराया निर्धारित करेगी।

Category: Indian Railways, News

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