डीएमयू के ड्राइवर ने कहा, मैंने लगातार हॉर्न बजाया और इमरजेंसी ब्रेक भी लगाया

| October 22, 2018

अमृतसर : अमृतसर के जोड़ा फाटक हादसे में 61 लोगों की मौत का कारण बनी जालंधर-अमृतसर डीएमयू के लोको पायलट अर¨वद कुमार ने रविवार को अपना पक्ष रखा।1 अर¨वद ने अपने बयान में कहा, मैंने लगातार हॉर्न बजाया और इमरजेंसी ब्रेक भी लगाया। डीएमयू ने गेट नंबर 28 का ग्रीन सिग्नल पास किया और गेट नंबर 27 पर डबल येलो सिग्नल होने पर लगातार हॉर्न बजाते हुए उसने उसे क्रॉस किया। जब गाड़ी दुर्घटनास्थल से थोड़ी दूरी पर थी तो एक अन्य गाड़ी (अमृतसर-हावड़ा मेल 13006) सामने से आ रही थी।








अचानक लोगों का हुजूम ट्रैक के पास दिखा तो मैंने हॉर्न बजाते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया। ब्रेक लगाने पर भी मेरी गाड़ी की चपेट में कई लोग आ गए। गाड़ी रुकने ही वाली थी कि लोगों ने मेरी गाड़ी पर पत्थरों से हमला कर दिया। मैंने गाड़ी में बैठी हुई सवारियों की सुरक्षा को देखते हुए गाड़ी को आगे बढ़ाया और अमृतसर स्टेशन पर आ गया। इसकी सूचना तुरंत मैंने संबंधित अधिकारियों को दे दी। वहीं, पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने रेलवे को फिर से इसके लिए जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि रावण दहन के लिए पुलिस से अनुमति ली गई थी।




पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने फिर से जोड़ा फाटक रेलवे ट्रैक पर हुई मौतों के लिए रेलवे को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि यह एक हादसा था, जो रेलवे की सतर्कता न होने की वजह से हुआ। जोड़ा फाटक के पास धोबीघाट में रावण दहन के लिए दशहरा कमेटी ने पुलिस से अनुमति ली थी, जबकि हादसा ग्राउंड की दीवारों के पार रेल ट्रैक पर हुआ। रेल ट्रैक रेलवे की संपत्ति है। इसकी सुरक्षा जीआरपी का दायित्व है। आयोजन स्थल की चारदीवारी से रेलवे ट्रैक 50 फीट की दूरी पर है।




सिद्धू ने कहा कि यह वक्त बेवजह अंगुलियां उठाने का नहीं है, लेकिन फिर भी लोग सवाल पूछ रहे हैं। रेल की रफ्तार 100 किलोमीटर थी। ट्रेन पर टॉप लाइट नहीं थी। ट्रेन का जंगला ग्लास से बना है तो क्या ड्राइवर ट्रैक पर खड़े लोगों को देख नहीं सकता था। नवजोत कौर सिद्धू जब मंच पर थीं, तब मंच से उद्घोषणा की गई कि लोग लाइनों पर खड़े न हों, ट्रेन आपको नहीं पूछेगी। सिद्धू ने कहा कि रावण दहन के बाद नवजोत कौर वहां से चली गईं। उन्हें पता चला कि हादसा हुआ तब उन्होंने पुलिस कमिश्नर को फोन कर सत्यता जानी। पुलिस कमिश्नर ने हादसे की पुष्टि की और यह भी कहा कि वह अब वहां न जाएं, क्योंकि माहौल ठीक नहीं है। इसके बावजूद डॉ. नवजोत कौर सिद्धू अस्पताल पहुंचीं और घायलों का इलाज किया।

Category: Indian Railways, News

About the Author ()

Comments are closed.