रेलकर्मियों का टाटा कैंसर अस्पताल में होगा इलाज

| October 15, 2018

कैंसर से पीड़ित कार्यरत व रिटायर्ड रेलकर्मियों के लिए एक अच्छी खबर है। अब वे वाराणसी के टाटा कैंसर अस्पताल में अपना इलाज कैशलेस करा सकते हैं।

ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के प्रयास से पुन: सुविधा शुरू हो गयी है। रेलवे के इस कैंसर अस्पताल को प्रशासन ने निजीकरण के तहत टाटा के हवाले कर दिया था। जिसके बाद प्रबंधन ने रेलवे कर्मचारियों का कैशलेस इलाज करना बंद कर दिया था।








लहरतारा स्थित होमी भाभा कैंसर अस्पताल में रेलकर्मचारियों का कैशलेस इलाज हो सकेगा। इसके लिए तीन अक्तूबर को रेलवे और टाटा ट्रस्ट के बीच समझौता हुआ। पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के केंद्रीय अस्पताल के सीएमएस को वेरिफिकेशन ऑफिसर बनाया गया है। सीएमएस के वेरिफिकेशन के बाद रेलकर्मी यह सुविधा ले सकेंगे।








जब रेलवे का कैंसर अस्पताल था, उसमें रेलकर्मियों का इलाज नि:शुल्क था। टाटा ट्रस्ट की ओर से अधिग्रहण के बाद रेलकर्मियों के इलाज के लिए भी पैसा लिया जाने लगा। इसके बाद बिल के जरिये रेलवे की तरफ से उसकी धनराशि का भुगतान होता था। इससे रेलकर्मियों को असुविधा होती थी। इस पर विभिन्न रेल कर्मचारी यूनियन की ओर से लगातार कैशलेस सुविधा की मांग की जा रही थी। जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि अस्पताल से समझौता हुआ है, जिसके तहत अब रेलकर्मियों को कैशलेस सुविधा मिल सकेगी। भारतीय मजदूर संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य अविनाश पाठक ने बताया कि यह कर्मचारियों के संघर्ष की जीत है।

Category: Indian Railways, News

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