दशहरे से पहले रेलकर्मियों को सरकार का तोहफा

| October 11, 2018

दशहरे से पहले सरकार ने तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के रेलकर्मियों को एक बड़ा तोहफा दिया है। इसके तहत उन्हें दिनों के वेतन के बराबर बोनस देने का फैसला लिया है। इसका लाभ देश के करीब 12 लाख रेलकर्मियों को मिलेगा। इसके तहत प्रत्येक पात्र रेलकर्मियों को अधिकतम 17,951 रुपये मिलेंगे। सरकार ने इसके अलावा देश की कौशल जरूरतों को पूरा करने के लिए इस क्षेत्र को बढ़ावा देने का भी फैसला लिया है। इसके तहत एनसीवीईटी (राष्ट्रीय व्यवसायी शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद) नाम से एक नई संस्था के गठन को मंजूरी दी है जो इसके लिए काम करेगी। 1प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। सरकार की ओर से कैबिनेट में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि बोनस का लाभ आरपीएफ और आरपीएसएफ को छोड़कर सभी पात्र रेलकर्मियों को मिलेगा। इसके भुगतान पर सरकार के करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च होगी। सरकार ने दशहरा से पहले रेलकर्मियों को बोनस का भुगतान कराने को कहा है।








भारतीय रेल के कर्मचारियों को केंद्र सरकार से बुधवार (10 अक्टूबर, 2018) को एक अच्छी खबर मिली। केंद्र सरकार ने दुर्गा पूजा और दशहरा से पहले रेलवे के नॉन गैजेटेड कर्मचारियों के 78 दिनों के वेतन को बोनस के तौर देने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी। बोनस की यह रकम 18 हजार रुपए के आसपास होगी। कैबिनेट की तरफ से बीते साल भी रेलवे कर्मचारियों को इतना ही बोनस मिला था। यह लगातार सातवां साल है, जब सरकार ने दशहरे से पहले 78 दिनों का बोनस रेलकर्मियों को दिया है।




मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रेल कर्मचारियों के संगठनों से चर्चा के बाद रेल बोर्ड ने इससे पहले वर्ष 2017-18 के लिए अपने कर्मचारियों को उत्पादकता-लिंक बोनस (पीएलबी) के रूप में 78 दिनों के बोनस का प्रस्ताव रखा था। रेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने उस बारे में न्यूज एजेंसी आईएएनएस को बताया था कि प्रस्ताव पर मंत्रिमंडल की मुहर लगने के बाद उसका ऐलान किया जाएगा।

आपको बता दें किहीं हर साल दशहरे से पहले लगभग 12.26 लाख रेल कर्मचारियों को बोनस दिया जाता है। चूंकि इस साल के आखिर में पांच राज्यों (मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना) में विधानसभा चुनाव होने हैं और अगले साल लोकसभा के चुनाव होने हैं, लिहाजा यह बोनस राजनीतिक दृष्टिकोण से भी खासा मायने रखता है।





निष्पादन आधारित 78 दिन के बोनस की अधिकतम राशि 8975 रुपए होगी। केंद्र के इस फैसले से रेलवे के खजाने पर तकरीबन 1030 करोड़ रुपए का भार पड़ेगा। पर इसमें रेलवे सुरक्षा बल और रेलवे विशेष सुरक्षा बल के कर्मियों को शामिल नहीं किया गया है। भारतीय रेल के कर्मचारियों को पिछले 6 सालों से 78 दिनों का ही बोनस दिया जा रहा है।

नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन के महासचिव एम.राघवैया के मुताबिक, “रेलवे ने पिछले साल 16 हजार करोड़ रुपए की अधिक कमाई की। ऐसे में हमारी ओर से 80 दिन के बोनस की मांग की गई थी। लेकिन हम बाद में 78 दिनों के बोनस की रकम पर राजी हुए।”

Category: Indian Railways, News

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