पुरानी पेंशन बहाली के लिए बड़ा प्रदर्शन, बातचीत विफल, सरकार ने दस दिन का समय मांगा

| October 9, 2018

पुरानी पेंशन के लिए लाखों सरकारी मुलाजिम और शिक्षक सोमवार को राजधानी की सड़कों पर उतर पड़े। ईको गार्डन से लेकर विधानसभा तक उन्होंने अपनी ताकत दिखाई। सड़कें जाम कर दीं। उमड़े जनसमूह के सामने पुलिस और प्रशासन एकदम असहाय नजर आया।

प्रदेश सरकार की ओर से उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा और मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय ने पुरानी पेंशन बहाली मंच के प्रतिनिधियों से वार्ता की। लेकिन, कोई लिखित और समयबद्ध आश्वासन न मिलने पर वार्ता विफल हो गई। इसके बाद पुरानी पेंशन बहाली मंच के संयोजक हरिकिशोर तिवारी और अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद शर्मा ने 25-27 अक्टूबर तक इसी मुद्दे को लेकर प्रदेशव्यापी हड़ताल का एलान किया है।







रविवार की रात से ही कर्मचारी-शिक्षक-अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के आह्वान पर बड़ी संख्या में लोग राजधानी पहुंचने लगे थे। सोमवार को दोपहर 12 बजे तक ईको गार्डन में जनसैलाब उमड़ पड़ा। ईको गार्डन के चारों ओर दूर-दूर तक जाम लग गया।

मंच से रेलवे यूनियन नेता शिव गोपाल मिश्रा, पेंशन बहाली मंच के हरिकिशोर तिवारी और दिनेश शर्मा ने एलान किया कि उन्हें नई पेंशन स्कीम किसी भी रूप में नहीं चाहिए। पुरानी पेंशन स्कीम ही कर्मचारियों के हित में है। इसलिए इसे तत्काल बहाल किया जाना चाहिए।

दिन में करीब एक बजे अचानक बड़ी तादाद में इंजीनियर और कर्मचारी डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के महासचिव जीएन सिंह की अगुवाई में हजरतगंज में विधानसभा के सामने पहुंच गए। चूंकि इसकी पहले से घोषणा नहीं की गई थी, इसलिए पुलिस-प्रशासन कोशिश के बावजूद प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से नहीं रोक सका।




करीब दो घंटे तक प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा मार्ग जाम रखा। इसी दौरान सरकार के बुलावे पर पेंशन बहाली मंच के संयोजक हरिकिशोर तिवारी और अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा की अगुवाई में एक शिष्टमंडल वार्ता के लिए विधानभवन पहुंचा। इस वार्ता में सरकार की ओर से उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा और मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय मौजूद रहे।

उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से कहा कि सरकार न्यू पेंशन स्कीम की खामियां दूर करने के लिए तैयार हैं। पेंशन बहाली मंच के अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि जनवरी-2004 में केंद्र में भाजपा की सरकार रहते ही पुरानी पेंशन स्कीम खत्म की गई थी। अब केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है। इसलिए उसे बहाल किया जाना चाहिए। संयोजक हरिकिशोर तिवारी ने इस मुद्दे पर समयबद्ध कार्यक्रम जारी करने और एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाए जाने की मांग की।




हरिकिशोर तिवारी ने बताया कि उप मुख्यमंत्री ने लिखित में कोई आश्वासन यह कहते हुए देने से इन्कार किया कि यह मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्तर का है। वे मंच के नेताओं की 10 दिन के भीतर सीएम से वार्ता कराने का प्रयास करेंगे।

पेंशन बहाली मंच के नेता डिप्टी सीएम की बात से सहमत नहीं हुए। वार्ता के बाद वे ईको गार्डन पहुंचे। वहां मंच से वार्ता बेनतीजा रहने का एलान किया गया। साथ ही 25-27 अक्टूबर के बीच प्रदेशव्यापारी हड़ताल की घोषणा भी की।

Category: News, NPS, Pensioners

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