पुरानी पेंशन बहाली का मामला कैबिनेट सचिव तक पहुंचा

| October 5, 2018

पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा केंद्रीय कैबिनेट सचिव तक पहुंच गया है। इंडियन पब्लिक सर्विस एंप्लाइज फेडरेशन (इपसेफ) के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा से नई दिल्ली में उनके राष्ट्रपति भवन स्थित कार्यालय में मुलाकात कर पुरानी पेंशन सहित कई मुद्द् उठाए।

इपसेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीपी मिश्रा के नेतृत्व में मिले इस प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारियों की मांगों को कैबिनेट सचिव के समक्ष विस्तार से रखा। साथ ही चेतावनी दी कि उनकी मांगों को 30 नवंबर तक नहीं माना गया तो तीन दिसंबर, 2018 को संसद भवन का घेराव किया जाएगा।

प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट सचिव के समक्ष पुरानी पेंशन बहाली के अलावा आउटसोर्सिंग, संविदा व ठेका कर्मचारियों तथा केंद्र सरकार से वित्त पोषित योजनाओं में कार्यरत कर्मचारियों की बदहाली का मुद्दा उठाया। उन्होंने इन कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की।








मिश्र ने नई दिल्ली से लौटकर बताया कि कैबिनेट सचिव से यह भी मांग की गई कि ऑटोनॉमस-स्वायत्तशासी संस्थाओं में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें तत्काल लागू की जाएं। जिन विभागों में तथा स्वायत्त संस्थाओं में बोनस भुगतान नहीं किया है,या रोक लगाई है, वहां तत्काल बोनस जारी किया जाए। न्यूनतम वेतन बढ़ाया जाए। साथ ही फिटमेंट फार्मूले को बदला जाए। आयकर सीमा बढ़ाकर सात लाख की जाए। राष्ट्रीय वेतन आयोग गठित किया जाए। कैबिनेट सचिव के समक्ष कुल सात मुद्दे उठाए गए। .




‘ मांगों को नहीं मानने पर तीन दिसंबर को संसद भवन का घेराव करेंगे .

‘ आउटसोर्सिंग, संविदा व ठेका कर्मियों के लिए भी नीतिगत मसौदा तैयार.

‘ मांगों को नहीं मानने पर तीन दिसंबर को संसद भवन का घेराव करेंगे .

‘ आउटसोर्सिंग, संविदा व ठेका कर्मियों के लिए भी नीतिगत मसौदा तैयार.

प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय महामंत्री प्रेमचंद, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद यूपी के प्रदेश महामंत्री अतुल मिश्र, फीफो के राष्ट्रीय अध्यक्ष केके सचान, यूपी सिंचाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अवधेश मिश्रा, गौतम बुद्ध नगर एवं गाजियाबाद जनपदों के पदाधिकारी राजकुमार सिंह, कपिल चौधरी और दिल्ली स्टेट बाडी के अध्यक्ष महात्मा महतो भी शामिल थे। .




कैबिनेट सचिव ने प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया कि पेंशन सुधार से संबंधित मसौदा तैयार हो चुका है। संभवत: अक्टूबर के अंत तक कैबिनेट के समक्ष मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। इस संभावित फैसले से उम्मीद है कि पेंशन संबंधी काफी समस्याएं केंद्रीय एवं राज्य कर्मचारियों की हल हो जाएंगी। इसके अलावा उन्होंने बताया कि आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी एवं ठेका कर्मचारियों की समस्याओं के निपटारे के लिए केंद्र सरकार एक नया नीतिगत मसौदा तैयार किया है जिस पर बहुत ही गहनता से विचार-विमर्श चल रहा है। इस पर भी शीघ्र ही फैसले की उम्मीद है। .

‘ मांगों को नहीं मानने पर तीन दिसंबर को संसद भवन का घेराव करेंगे .

‘ आउटसोर्सिंग, संविदा व ठेका कर्मियों के लिए भी नीतिगत मसौदा तैयार.

प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय महामंत्री प्रेमचंद, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद यूपी के प्रदेश महामंत्री अतुल मिश्र, फीफो के राष्ट्रीय अध्यक्ष केके सचान, यूपी सिंचाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अवधेश मिश्रा, गौतम बुद्ध नगर एवं गाजियाबाद जनपदों के पदाधिकारी राजकुमार सिंह, कपिल चौधरी और दिल्ली स्टेट बाडी के अध्यक्ष महात्मा महतो भी शामिल थे। .

कैबिनेट सचिव ने प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया कि पेंशन सुधार से संबंधित मसौदा तैयार हो चुका है। संभवत: अक्टूबर के अंत तक कैबिनेट के समक्ष मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। इस संभावित फैसले से उम्मीद है कि पेंशन संबंधी काफी समस्याएं केंद्रीय एवं राज्य कर्मचारियों की हल हो जाएंगी। इसके अलावा उन्होंने बताया कि आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी एवं ठेका कर्मचारियों की समस्याओं के निपटारे के लिए केंद्र सरकार एक नया नीतिगत मसौदा तैयार किया है जिस पर बहुत ही गहनता से विचार-विमर्श चल रहा है। इस पर भी शीघ्र ही फैसले की उम्मीद है।

प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय महामंत्री प्रेमचंद, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद यूपी के प्रदेश महामंत्री अतुल मिश्र, फीफो के राष्ट्रीय अध्यक्ष केके सचान, यूपी सिंचाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अवधेश मिश्रा, गौतम बुद्ध नगर एवं गाजियाबाद जनपदों के पदाधिकारी राजकुमार सिंह, कपिल चौधरी और दिल्ली स्टेट बाडी के अध्यक्ष महात्मा महतो भी शामिल थे।

पेंशन सुधार का मसौदा तैयार

कैबिनेट सचिव ने प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया कि पेंशन सुधार से संबंधित मसौदा तैयार हो चुका है। संभवत: अक्टूबर के अंत तक कैबिनेट के समक्ष मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। इस संभावित फैसले से उम्मीद है कि पेंशन संबंधी काफी समस्याएं केंद्रीय एवं राज्य कर्मचारियों की हल हो जाएंगी। इसके अलावा उन्होंने बताया कि आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी एवं ठेका कर्मचारियों की समस्याओं के निपटारे के लिए केंद्र सरकार एक नया नीतिगत मसौदा तैयार किया है जिस पर बहुत ही गहनता से विचार-विमर्श चल रहा है। इस पर भी शीघ्र ही फैसले की उम्मीद है।

Category: Indian Railways, News

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