रेलवे यूनियन मान्यता चुनाव 26,27 मार्च, 2019 को

| October 1, 2018

रेलवे यूनियन मान्यता का चुनाव 26, 27 व 28 मार्च को
– रेलवे बोर्ड से वार्ता के बाद नेताओं ने तैयारियों में जुटने का किया आह्वान
– 2013 में बदले थे नियम, छह साल में होता है चुनाव
झांसी। रेलवे बोर्ड आगामी 25, 26 व 27 मार्च 2019 को यूनियन मान्यता के लिए चुनाव कराने जा रहा है। इसके बाद ट्रेड यूनियनों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। साथ ही, यूनियनों से सुझाव व आपत्तियां भी मांगीं गई हैं।
रेलवे ने वर्ष 2007 और 2013 में यूनियन मान्यता के लिए गुप्त मतदान से चुनाव कराया था। छह साल बाद रेलवे बोर्ड दोबारा यूनियन मान्यता के लिए गुप्त मतदान कराने जा रहा है। रेलवे बोर्ड ने ट्रेड यूनियन नेताओं से वार्ता के बाद चुनाव की संभावित तिथि 25, 26 व 27 मार्च तय कर दी है। इस संबंध में नेशनल फेडरेशन आफ इंडियन रेलवे के महामंत्री एम राघवैय्या और आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने अलग- अलग जोन से संबद्ध अपनी यूनियन के महामंत्रियों को पत्र लिख दिया है।








जारी शर्तों के अनुसार किसी भी रेल संगठन का रजिस्ट्रार ट्रेड यूनियन कार्यालय में पंजीयन एक साल पुराना होना अनिवार्य है। चुनाव जीतने के लिए कुल मतदाताओं का तीस प्रतिशत व कुल मतों का पैंतीस फीसदी लाना अनिवार्य है। चुनाव में एक फरवरी 2019 तक के ग्रुप सी व ग्रुप डी के नियमित कर्मचारी ही वोट डाल सकेंगे, जिन कर्मचारियों का एक फरवरी 2019 के बाद दूसरी जगह स्थानांतरण हो जाता है। तो उनके नाम सूची से हटा दिए जाएंगे। कर्मचारियों को मतदान के लिए फोटो युक्त परिचय पत्र के रूप में रेलवे द्वारा जारी पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट व आधार कार्ड का विकल्प दिया जाएगा।








अभी दो यूनियनों को ही मान्यता
उत्तर मध्य रेलवे में अभी नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ और नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन मान्यता में हैं। 2013 में हुए मान्यता चुनाव में नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ का कुल पड़े वोटों में से 56.82 प्रतिशत और नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन को 39.87 प्रतिशत वोट मिले थे। जबकि, नार्थ सेंट्रल रेलवे कर्मचारी संघ को 1.53, रेलवे मजदूर यूनियन को 0.57 तथा उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ को 1.2 प्रतिशत वोट ही मिल सके थे, इससे इन संगठनों को मान्यता नहीं मिल सकी।

Category: Indian Railways, News

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