प्रमोशन में आरक्षण एक्ट पर पंजाब सरकार को हाईकोर्ट से झटका, नोटिस जारी कर मांगा जवाब

| September 27, 2018

पंजाब के सरकारी कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण का लाभ देने के लिए बनाए गए एक्ट को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने सामान्य श्रेणी के याचिकाकर्ताओं के प्रमोशन पर यथास्थिति बनाए रखने के भी आदेश दिए हैं।








इससे पहले पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फरवरी में पंजाब में प्रमोशन में आरक्षण का प्रावधान करने वाली नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर आदेश जारी कर प्रमोशन में आरक्षण की नीति को रद्द कर दिया था। याचिका दाखिल करते हुए गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी के सुपरीटेंडेंट बलवीर सिंह ने एडवोकेट धर्मेंद्र सिंह रावत के माध्यम से पंजाब सरकार द्वारा लाए गए प्रमोशन में आरक्षण के संशोधित एक्ट को चुनौती दी है।

याचिका में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने एम नागराज केस में यह स्पष्ट कर दिया था कि बिना क्वांटिफेबल डाटा के प्रमोशन में आरक्षण का प्रावधान नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही आरके सभ्रवाल केस का हवाला देते हुए कहा गया कि जब किसी वर्ग के प्रतिनिधित्व की जांच प्रमोशन में आरक्षण के लिए की जाती है तो मेरिट पर और टर्म से प्रमोट हुए उस वर्ग के कर्मियों को भी जोड़ा जाना जरूरी है।




बावजूद इसके पंजाब सरकार ने ऐसा नहीं किया। पुराना डाटा इस्तेमाल करते हुए एससी वर्ग का प्रतिनिधित्व न होने की बात कही गई। एकत्र आंकडे़ में एससी वर्ग का प्रतिनिधित्व बहुत अधिक है। लेकिन सरकार इन्हें आरक्षण का लाभ देने पर आमादा थी, जिसके चलते आंकड़ों से छेड़छाड़ कर इसे कैबिनेट के सामने पेश किया गया। यह सीधे तौर पर फ्रॉड का मामला बनता है। इसके साथ ही पंजाब सरकार द्वारा इस एक्ट को पास किए जाने से पहले ही गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर की सिंडीकेट ने सामान्य श्रेणी के किए गए प्रमोशन को रिव्यू करने का फैसला कर लिया।




याची ने कहा कि जिस प्रकार पंजाब सरकार ने नियमों को ताक पर रखकर यह कार्य किया है उससे याची के प्रमोशन पर खतरा आ गया है। ऐसे में याची ने पंजाब सरकार द्वारा पारित 2018 के प्रमोशन में आरक्षण के लिए बनाए गए एक्ट को खारिज करने की अपील की। याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस राजेश बिंदल एवं जस्टिस बीएस वालिया की खंडपीठ ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है। इसके साथ ही सामान्य श्रेणी के याचिकाकर्ताओं की प्रमोशन पर यथा स्थिति बनाए रखने के भी आदेश दिए हैं।

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