रेलकर्मियों के आश्रितों को मेडिकल सुविधा से उम्र की शर्त हटी, पर रोजगार का पेंच

| September 18, 2018

रेलवे ने अपने कर्मचारियों व पेंशनभोगियों के आश्रितों के लिए चिकित्सा सुविधा के नियमों में बदलाव किया है। बच्चों के लिए 21 वर्ष तक की उम्र की शर्त हटा दी है। मगर, वे इस सुविधा के तभी तक पात्र होंगे जब तक रोजगार नहीं मिल जाता। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि रोजगार या फिर बेरोजगारी की सीमा कहां तक है। अस्थायी नौकरी को भी रोजगार माना जाएगा या नहीं। यह स्थिति स्पष्ट न होने से उलझन बढ़ गई है।








सूत्रों के अनुसार रेल कर्मचारियों के बच्चों को पहले 21 वर्ष की आयु तक फ्री मेडिकल सुविधा मिलती थी। उम्र की सीमा हटाने से लाखों कर्मचारियों को राहत पहुंची है। अविवाहित बेटी को ही इस सुविधा का लाभ मिलेगा। शादी होते ही वह इसके लिए अपात्र हो जाएगी। देशभर के रेलवे अस्पताल या फिर रेलवे के पैनल पर जो भी बड़े बड़े प्राइवेट अस्पताल हैं, वहां भी फ्री में इलाज होता है।

सूत्रों के मुताबिक रेलकर्मी के आश्रितों को मेडिकल सुविधा के लिए फिर से आवेदन करना पड़ेगा। इसके बाद पर्सनल विभाग की टीम संबंधित कर्मी के आवास पर जाकर छानबीन करेगी। उसकी रिपोर्ट के आधार पर ही फैसला होगा।








पिता-पुत्र एक साथ सीख सकेंगे कंप्यूटर

उधर, रेलकर्मियों को अब निशुल्क कंप्यूटर की ट्रे¨नग भी दी जाएगी। इसके लिए रेलकर्मी के साथ-साथ उसके बच्चे भी आवेदन कर सकते हैं। बेरोजगार बेटे या बेटी को उसके करियर के लिए भी ज्ञान दिया जाएगा। इनके लिए सेमिनार होंगे, जिसमें बताया जाएगा कि वे किस फील्ड में जा सकते हैं और क्या-क्या लाभ मिलेगा। कंप्यूटर ट्रेनिंग के लिए प्राइवेट कंपनी या संचालकों से बातचीत कर ली गई है।

Category: Indian Railways, News

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