रेल मुख्यालय के अधिकारियों को अब बहाना होगा पसीना

| September 16, 2018

त्रीय (जोन) रेल मुख्यालय में बैठकर काम करने वाले अधिकारियों को अब फील्ड में जाकर पसीना बहाना होगा। उनका तबादला रेल मंडलों में किया जाएगा जिससे कि फील्ड में काम करने वाली टीम मजबूत हो सके। सभी जोन के महाप्रबंधकों को इस फरमान पर तुरंत अमल करने को कहा गया है। इसमें किसी तरह की कोई कोताही न रह जाए, इसलिए उन्हें रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को प्रगति रिपोर्ट भी देनी होगी।1कर्मचारियों की कमी का सीधा असर ट्रेन की समयबद्धता व संरक्षा के साथ ही यात्री सुविधाओं पर पड़ता है। इसलिए रेलवे में फील्ड कर्मियों की कमी दूर करने की कवायद चल रही है।








रेलवे बोर्ड व जोनल मुख्यालय के प्रत्येक निर्देश का पालन मंडल में बैठे अधिकारियों व कर्मचारियों को करना होता है। इसके साथ ही जरूरत के हिसाब से उन्हें कई फैसले तुरंत लेने होते हैं, लेकिन अधिकारियों की कमी से कई बार इसमें दिक्कत आती है। इसका सीधा असर रेल सेवाओं पर पड़ता है। इसलिए मंडल स्तर पर अधिकारियों के पद किसी भी सूरत में खाली नहीं रहेंगे। 1पिछले वर्ष हुई कई रेल दुर्घटनाओं तथा ट्रेनों की लेटलतीफी से रेलवे की छवि को काफी नुकसान पहुंचा है।








इसलिए रेल प्रशासन रेल सेवा में सुधार करने के लिए कई कदम उठा रहा है। काम के निष्पादन में तेजी लाने के लिए अपर मंडल रेल प्रबंधक (एडीआरएम) की भी तैनाती की गई है। दिल्ली मंडल में पहले दो एडीआरएम होते थे अब इनकी संख्या बढ़कर तीन हो गई है। ए1 श्रेणी के रेलवे स्टेशनों पर स्टेशन निदेशकों की तैनाती की गई है। वहीं, कर्मचारियों की कमी भी दूर की जा रही है। इसी कड़ी में मंडल में अधिकारियों के खाली पड़े पदों को जोनल मुख्यालय के अधिकारियों के तबादले से भरने का फैसला किया गया है। 1इस संबंध में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने सभी जोन के महाप्रबंधकों को पत्र जारी किया है। उनसे अपने अधीन आने वाले सभी रेल मंडलों में जूनियर स्केल, सीनियर स्केल और जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड के पदों को शीघ्र भरने को कहा गया है।

Category: Indian Railways, News

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