Bullet train to run on 48 kms stretch in 2022

| September 1, 2018

सरकार भले ही दावा कर रही है की 2022 तक मुंबई से अहमदाबाद के बीच 508 किलोमीटर हाई स्पीड कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेन दौड़ने लगेगी, लेकिन हकीकत यह है कि कॉरिडोर के 48 किलोमीटर हिस्से पर ही बुलेट ट्रेन चलाई जा सकेगी। .








एलाइनमेंट के बीच में सरकारी इमारतें और आवासीय कालोनियों को हटाना एक गंभीर चुनौती है। इसके अलावा बड़ोदरा स्टेशन पर प्रतिदिन चलने वाली 200 गाड़ियों के परिचालन में बाधा पहुंचाए बगैर हाईस्पीड पाली रोड का निर्माण किया जाना है। कॉरिडोर के अन्य स्टेशनों रेलवे में यही समस्या आ रही है। बुलेट ट्रेन परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि सूरत से बिलिमोरा तक का 48 किलोमीटर तक का हिस्सा 2022 से पहले बनकर तैयार हो जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस सेक्शन पर कॉरिडोर बनाने में तकनीकी अड़चने नहीं है। सरकार ने योजना बनाई है कि 15 अगस्त 2022 को देश की आज़ादी की 75वीं वर्षगांठ है। इस मौके पर बुलेट ट्रेन शुरू की जाएगी। .




प्रशिक्षित और दक्ष इंजीनियरों की जरूरत : साबरमती बडोदरा सेक्शन के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर प्रदीप ने बताया कि बुलेट ट्रेन परिचालन के लिए बड़े पैमाने पर प्रशिक्षित और दक्ष इंजीनियरों की जरूरत पड़ेगी। वडोदरा में हाईस्पीड रेलवे प्रशिक्षण संस्थान में अगले साल से ट्रेन परियोजना के सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल इंजीनियर का प्रशिक्षण आरंभ हो जाएगा। जापान से 50 मीटर लंबा ट्रैक पानी के जहाज पर भारत के लिए रवाना कर दिया गया है। .

यह लक्ष्य रखा गया है कि बुलेट ट्रेन आरंभ होने के पहले देश में इसे संचालित करने के लिए 4000 पेशेवर तैयार हो जाएं। परिचालन से जुड़े कर्मचारियों को जापान भी भेजा जाएगा। अब तक 1500 लोगों को जापान में अल्पकालिक प्रशिक्षण और 40 अफसरों को दीर्घकालिक प्रशिक्षण दिलाया जा चुका है। .




बडोदरा स्टेशन का डिजाइन बन कर तैयार है। स्टेशन का प्लेटफार्म नंबर सात को तोड़ा जाएगा और उसे आगे खिसका कर बनाया जाएगा। उसी स्टेशन पर प्लेटफार्म संख्या छह एवं सात के बीच 220 मीटर का गर्डर डाला जाएगा। जो पूरी परियोजना में सबसे लंबा गर्डर होगा। बडोदरा स्टेशन पर कंजेशन हटाने के लिए छायापुरी हाल्ट को सेटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस पर 40 करोड़ खर्च किया जाएगा।.

Category: Indian Railways, News

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