ट्रैक मैन भी बन पाएंगे जूनियर इंजीनियर

| August 19, 2018

अब ट्रैक मैन लाइन की मरम्मत करते-करते सेवानिवृत्त नहीं होंगे। रेल प्रशासन ने ट्रैक मैन के जूनियर इंजीनियर (जेई) बनने का रास्ता खोल दिया है। ट्रेड यूनियन की मांग पर उत्तर रेलवे में 80 ट्रैक टैपिंग मशीन हेल्पर पदों के लिए ट्रैक मैन से आवेदन मांगे गए हैं। 1ट्रैक मैन के पद पर भर्ती होने के बाद पदोन्नति की व्यवस्था नहीं है, केवल पदोन्नत वेतनमान मिलता है। इसलिए इस पद पर भर्ती होने वाले अधिकांश कर्मचारी ट्रैक मैन के पद से ही सेवानिवृत्त हो जाते हैं।

दूसरी ओर रेल लाइन बदलने, मरम्मत करने, स्लीपर बदलने के लिए आधुनिक मशीन का प्रयोग किया जा रहा है। इस पर काम करने वाले कर्मियों को पदोन्नति के कई अवसर देने का प्रावधान है।







ट्रैक टैपिंग मशीन पर हेल्पर में भर्ती होने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पढ़ने-लिखने पर सीनियर सेक्शन इंजीनियर के पद पर जाकर सेवानिवृत्त होते हैं। नार्दर्न रेलवे मैंस यूनियन ने महाप्रबंधक के साथ हुई पीएनएम मीटिंग में ट्रैक मैन की स्थिति का मामला उठाया था। जिसमें कहा था कि ट्रैक मैन व ट्रैक टैपिंग मशीन हेल्पर का वेतनमान व काम एक बराबर है। टैक मैन को कोई पदोन्नति नहीं मिलती है, जबकि हेल्पर को कई पदोन्नति देने का प्रावधान है।




हेल्पर में भर्ती करने के बजाय ट्रैक मैन को हेल्पर की पद पर तैनात करें और ट्रेनिंग देकर ट्रैक मैन से हेल्पर का काम कराए। महाप्रबंधक ने नरमू की मांग को मान लिया है और उत्तर रेलवे में हेल्पर के 80 रिक्त पदों पर तैनात करने के लिए ट्रैक मैन से आवेदन मांगे गए हैं। मुरादाबाद मंडल में भी 13 ट्रैक मैन को हेल्पर के पद पर रखा जाएगा। रेलवे की इस कवायद से ट्रैक मैन को खासा लाभ मिलेगा। नरमू के मंडल मंत्री राजेश चौबे ने बताया कि ट्रैक मैन को ट्रैक टैपिंग मशीन हेल्पर के पद तैनात करने के लिए नरमू ने पीएनएम में मामला उठाया था, जिसे मान लिया गया। काफी समय से इसकी मांग भी का रही थी। हेल्पर बनने के दस साल बाद जेई और सेवानिवृत्ति होने तक सीनियर सेक्शन इंजीनियर के पद पर पदोन्नति हो पाएगी।




>ट्रेड यूनियन की मांग पर मुख्यालय ने जारी किए आदेश

>उत्तर रेलवे में 80 पदों के लिए मांगे गए हैं आवेदन

Category: Indian Railways, News

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