‘सरकार नहीं बढ़ा सकती मिनिमम वेज – कोर्ट के आदेश

| August 5, 2018

मिनिमम वेज में बढ़ोतरी से जुड़े आप सरकार के 3 मार्च 2017 के नोटिफिकेशन को हाई कोर्ट ने शनिवार को रद्द कर दिया। इस नोटिफिकेशन के तहत सरकार ने यहां रोजगार की सभी कैटेगरी में मजदूरों के न्यूनतम वेतन में संशोधन की मंजूरी दी थी। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि संविधान के तहत दिल्ली सरकार को ऐसा करने का अधिकार नहीं है।







एक्टिंग चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सी. हरि शंकर की बेंच ने मिनिमम वेजेज तय करने के लिए एडवाइजरी कमिटी बनाने के आप सरकार के नोटिफिकेशन को भी रद्द कर दिया है। बेंच ने कहा कि दोनों ही फैसले नैचुरल जस्टिस के सिद्धान्तों और अनुचित आधारों पर लिए गए थे, लिहाजा यह दोनों ही फैसले अवैध हैं। नोटिफिकेशन के मुताबिक अनस्किल्ड वर्कर के लिए 13,500 रुपये, सेमी स्किल्ड वर्कर के लिए 14,698 और स्किल्ड मजदूरों के लिए 16,182 रुपये का न्यूनतम वेतन तय किया गया था। हाई कोर्ट ने यह फैसला अलग-अलग औद्योगिक इकाइयों और कंपनियों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनाया, जो मजदूरों को न्यूनतम वेतन पर काम देती हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि दिल्ली सरकार ने यह फैसला लेने से पहले उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया।







Breaking: Delhi High Court Quashes Govt. Notification Revising Minimum Wage …

In a blow to the AAP government, the Delhi High Court today quashed its March 2017 notification revising minimum wages for all classes of workmen in all scheduled employment, saying the decision was ultra vires the Constitution. A bench of Acting Chief Justice Gita Mittal and Justice C Hari Shankar also quashed the Delhi government notification setting up an advisory panel on minimum wages, saying both decisions were taken in contravention of principles of natural justice and without sufficient material and were invalid.

As per the notification, the minimum wages for unskilled, semi-skilled and skilled labour were fixed at Rs 13,500, Rs 14,698 and Rs 16,182, respectively. The decision by the court came on several pleas filed by various industrial units and companies who employ workers on minimum wages.
The petitioner-employers, who had sought setting aside of the minimum wage order, had contended that the Delhi government had not heard them before coming out with the decision.

Category: News

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