सेवाओं कि निगरानी के लिए ट्रेन कैप्टन योजना की शुरुआत, ट्रेन कैप्टेन होगा ऑन बोर्ड हर बात के लिए जिम्मेदार

| August 4, 2018

रेलवे ने शताब्दी और राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में लोगों की शिकायत के निवारण के लिए सिंगल विंडो सोल्यूशन के तौर पर ट्रेन कैप्टन नियुक्त करने शुरू कर दिए हैं. इसी सिलसिले में उत्तर रेलवे के दिल्ली डिवीजन में नई दिल्ली से चलने वाली गुवाहाटी राजधानी को पहले पहल ट्रेन कैप्टन के अंडर में चलाया गया है.








दिल्ली डिवीजन के डीआरएम आरएन सिंह के मुताबिक लंबी दूरी की मेल एक्सप्रेस गाड़ियों में खान-पान, हाउसकीपिंग सेफ्टी और सिक्योरिटी समेत तमाम ऐसी चीजें हैं जिनको लेकर रेल यात्रियों को शिकायतें रहती हैं. रेल यात्रियों को अक्सर यह लगता है कि वह अपनी समस्याओं को लेकर कहां जाएं, इस दिक्कत को दूर करने के लिए रेलवे ने प्रीमियम ट्रेनों में ट्रेन कैप्टन नियुक्त करने शुरू कर दिए हैं. डीआरएम आरएन सिंह के मुताबिक रेलवे की इस व्यवस्था से लोगों की समस्याएं काफी हद तक सुलझाएंगे.

राजधानी, शताब्दी, दुरंतो और दूसरी प्रीमियम गाड़ियों में पहले से ही कार्यरत ट्रेन सुपरिंटेंडेंट को ट्रेन कैप्टन के रूप में नॉमिनेट किया गया है. ट्रेन कैप्टन के रूप में नामित अधिकारी टिकट जांच के अतिरिक्त गाड़ी में ऑन रोड सभी प्रकार की सेवाओं और सुविधाओं के लिए उत्तरदाई होंगे. रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक दूसरी ऐसी गाड़ियां जहां पर ट्रेन सुपरिंटेंडेंट नहीं हैं. वहां पर टिकट जांच कर्मचारियों में से सबसे वरिष्ठ कर्मचारी को ट्रेन कैप्टन के रूप में नॉमिनेट किया जाएगा.




ट्रेन कैप्टन को ट्रेन कैप्टन का बिल्ला दिया जाएगा यात्रियों को शिकायत भुगतान बोर्ड सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए आउटसोर्सिंग के सभी सुपरवाइजर और सभी ऑन बोर्ड रेलवे कर्मचारी ट्रेन कैप्टन को रिपोर्ट करेंगे यात्रियों को सूचना के लिए नियमित अंतराल पर ट्रेन के ऑन बोर्ड यात्री उद्घोषणा प्रणाली पर ट्रेन कैप्टन का नाम एवं संपर्क करने के लिए मोबाइल नंबर की उद्घोषणा की जाएगी ट्रेन कैप्टन यात्रा के दौरान पाई गई कमियों के साथ यात्रियों की शिकायतों को नोट करेगा और यात्रा की समाप्ति पर इन शिकायतों के निदान के लिए उसने क्या कार्यवाही की इसको भी रिपोर्ट करेगा. गुवाहाटी राजधानी में सफर कर रहे यात्रियों से ट्रेन की इस नई सुविधा के बारे में जब बात की गई तो उन्होंने यह उम्मीद जताई कि इससे यात्रियों की परेशानियां थोड़ी कम होगी.




सेवाओं कि निगरानी के लिए ट्रेन कैप्टन योजना की शुरुआत

उत्तर रेलवे ने लंबी दूरी की मेल, एक्सप्रेस ट्रेनों में खान-पान, कर्मचारियों, हाउस कीपिंग सेवा कर्मचारी, अनुरक्षणा कर्मचारियों समेत सभी लोगों और सेवाओं कि निगरानी के लिए ट्रेन कैप्टन योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत एक व्यक्ति को ट्रेन कैप्टन बनाया जाएगा। .

जो ट्रेन में ऑन बोर्ड सभी प्रकार कि सुविधाओं और सेवाओं के लिए उत्तरदायी होगा। शुक्रवार को दिल्ली मंडल रेल प्रबंधक आर.एन. सिंह ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर गाड़ी संख्या 12424 गुवाहाटी राजधानी से इसकी शुरुआत की। .

सिंह ने बताया कि राजधानी, शताब्दी, दुरंतो और अन्य गाडियों में पहले से कार्यरत गाड़ी पर्यवेक्षकों को ट्रेन कैप्टन के रूप में नामित किया गया है। ट्रेन कैप्टन टिकट जांच के अतिरिक्त गाड़ी में ऑन बोर्ड सभी प्रकार की सेवाओं और सुविधाओं के लिए उत्तरदायी होंगे। उन्होंने बताया कि अन्य गाड़ियों में जहां पर गाड़ी पर्यवेक्षक नहीं है वहां पर टिकट जांच कर्मचारियों में से सबसे वरिष्ठ कर्मचारी को ट्रेन कैप्टन बनाया जाएगा। .

कैप्टन को ट्रेन कैप्टन का बैज दिया जाएगा। यात्रियों की सूचना के लिए नियमित अंतराल पर ट्रेन के ऑन बोर्ड पी.ए. सिस्टम (यात्री उद्घोषणा प्रणाली) पर ट्रेन कैप्टन का नाम एवं संपर्क करने हेतु मोबाइल नंबर बताया जाएगा। कैप्टन यात्रा के दौरान पाई गई कमियों और यात्रियों द्वारा की गई शिकायतों को नोट करेगा तथा यात्रा समाप्ति पर निदान के लिए उसके द्वारा की गई कार्यवाही की रिपोर्ट भी दर्ज करेगा। इस मौके पर मुख्य वाणिज्य प्रबंधक, उत्तर रेलवे, मणि आनंद समेत उत्तर रेलवे के अन्य अधिकारी मौजूद थे। .

Category: Indian Railways, News

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