बीच सफर रेलवे अफसर को सैलून से उतार दिया

| July 30, 2018

रेलवे के इतिहास में संभवत: यह पहली घटना होगी, जब जोनल स्तर के एक अधिकारी को बीच रास्ते सैलून से उतार दिया गया हो। यह कार्रवाई जीएम के आदेश पर हुई। अधिकारी टैक्सी बुक करके लखनऊ पहुंचे। अब उन पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाने की तैयारी है। यह रेलवे अधिकारी महीने में चार से पांच बार गोरखपुर से सैलून लेकर लखनऊ आते थे। हर बार वह लखनऊ में एक निरीक्षण का कार्यक्रम तय करते थे। यह अधिकारी गोरखपुर में तैनाती से ठीक पहले लखनऊ में ही एक उच्च स्तर के पद पर आसीन थे। उनके बार-बार लखनऊ आने पर भी यहां की परिचालन की स्थिति नहीं सुधरी।








देश में सबसे अधिक देरी से चलने वाली ट्रेनों में उनका जोन और लखनऊ मंडल की स्थिति लगातार बिगड़ती गई। गोरखपुर से अधिकारी जीएम की मंजूरी के बिना सैलून लेकर शुक्रवार को लखनऊ के लिए रवाना हुए थे। इसकी सूचना जैसे ही पूवरेत्तर रेलवे के जीएम को लगी, उन्होंने बीच सफर अधिकारी से सैलून वापस लेने का आदेश दिया। ट्रेन गोरखपुर से चलकर मगहर तक पहुंची थी कि अधिकारी को सैलून से उतार लिया गया। उनका सैलून काट दिया गया और ट्रेन लखनऊ की ओर रवाना कर दी गई। मगहर में सैलून से उतरने के बाद अधिकारी ने टैक्सी बुक कराई और फिर वह लखनऊ तक पहुंचे।




अधिकार का किया गलत इस्तेमाल : इस रेलवे अधिकारी ने गोरखपुर से लखनऊ की यात्र पूरी नहीं की थी लिहाजा उन पर डेढ़ लाख की जगह पचास हजार रुपये जुर्माना लगाने की तैयारी है। इन अधिकारी पर पिछले दिनों सहायक वाणिज्य प्रबंधकों के चयन में भी गड़बड़ी का आरोप लगा था। इसकी जांच रेलवे विजिलेंस कर रहा है। लखनऊ में तैनाती के समय अधिकारी पर नियम विपरीत लार्जेस स्कीम के तहत रेलकर्मियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति देकर उनके आश्रितों को नौकरी देने का आरोप लगा था।




पटरी पर चलता महल है सैलून : सैलून पटरी के ऊपर दौड़ता किसी महल से कम नहीं। इसमें बेड से लेकर डाइनिंग रूम तक होते हैं। आइआरसीटीसी इसकी बुकिंग आम लोगों के लिए करता है तो इसका एक तरफ का किराया डेढ़ से दो लाख रुपये के बीच होता है। रेल मंत्री पीयूष गोयल और सीआरबी अश्विनी लोहानी ने पहले ही अफसरों को सैलून का गलत इस्तेमाल न करने के आदेश दिए हैं।

सीपी वर्मा रेल ओबीसी कर्मचारी संगठन के मंडल अध्यक्ष बने1जासं, लखनऊ : पूवरेत्तर रेलवे ओबीसी रेल कर्मचारी एसोसिएशन का द्विवार्षिक अधिवेशन डीआरएम कार्यालय के सभागार में हुआ। इस मौके पर कार्यकारिणी का चुनाव हुआ। इसमें सीपी वर्मा संगठन के मंडल अध्यक्ष जबकि एसबी यादव मंडल मंत्री बने। सुभाष चंद्र विश्वकर्मा-कार्यकारी अध्यक्ष, सोमई-कोषाध्यक्ष, अनिल कुमार जयसवाल-वरिष्ठ उपाध्यक्ष, राजेंद्र प्रसाद यादव-संगठन मंत्री, राघवेंद्र सिंह-संयुक्त मंडल मंत्री और संजय सिंह-सहायक मंडल मंत्री चुने गए।

Category: Indian Railways, News

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