15 लाख कर्मचारियों को मिलेगा एचआरए और सीसीए बढ़ने का लाभ

| July 19, 2018

एचआरए को दोगुना करने के फैसले से राज्य सरकार के खजाने पर सालाना 2223 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्ययभार आएगा। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि एक अगस्त 2016 को सरकार ने एचआरए में 20 प्रतिशत इजाफा कर दिया था जिस पर 500 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च आया था। लिहाजा एचआरए में अब जो बढ़ोतरी हुई है, उससे खजाने पर 1723 करोड़ रुपये का वास्तविक अतिरिक्त व्ययभार आएगा।








एचआरए के लिए तीन श्रेणियों में बांटे नगर : सरकार ने एचआरए दोगुना करने के फैसले के साथ इसके लिए नगरों के वर्गीकरण में भी बदलाव किया है। पुनरीक्षित एचआरए के संदर्भ में 2011 की जनगणना के आधार पर पांच लाख या इससे अधिक आबादी वाले 15 शहर श्रेणी ‘अ’ में रखे गए हैं। इनमें लखनऊ, कानपुर, मेरठ, बरेली, इलाहाबाद, वाराणसी, आगरा, गोरखपुर, नोयडा




15 लाख कर्मचारियों को मिलेगा एचआरए और सीसीए बढ़ने का लाभ: देखें किसको मिलेगा कितना
लखनऊ : वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल और अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि एचआरए को दोगुना करने का लाभ प्रदेश के 8,52,229 राज्य कर्मचारियों, 5.5 लाख शिक्षकों और एक लाख शिक्षणोत्तर कर्मचारियों को मिलेगा। उन्होंने बताया कि मकान किराया भत्ता के सम्बंध में वेतन समिति की सिफारिशों को वित्त विभाग के प्रस्ताव के अनुसार लागू किए जाने से राज्य कर्मचारी, राजकीय या सहायता प्राप्त विद्यालयों और प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं के शिक्षक और अन्य कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। ऐसे स्थानीय निकाय, स्वशासी संस्थाओं तथा सार्वजनिक उपक्रमों/निगमों के कार्मिक भी लाभान्वित होंगे, जिनमें पुनरीक्षित वेतन मैट्रिक्स लागू किया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि इस निर्णय के दायरे में प्रदेश के 8.52 लाख राज्य कर्मचारी, 5.50 लाख शिक्षक और एक लाख अन्य कर्मचारियों समेत कुल 15.02 लाख कर्मचारी आएंगे।




मकान किराया भत्ता को दोगुना किए जाने के निर्णय से राजकोष पर 2,223 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वार्षिक व्यय भार आएगा। मंत्रिपरिषद की बैठक में सरकारी कर्मियों को मिलने वाले नगर प्रतिकर भत्ते (CCA) की दरों को भी दोगुना करने का निर्णय लिया गया है। वेतन समिति की सिफारिशों के अनुसार नगर प्रतिकर भत्ता मान्य करने के लिए नगरों का वर्गीकरण पहले की ही तरह रखा गया है। जनगणना 2011 के अनुसार जो नगर एक लाख या उससे ज्यादा आबादी के हैं, उनमें भी नगर प्रतिकर भत्ता दिया जाएगा। वित्त विभाग के प्रस्ताव के अनुसार नगर प्रतिकर भत्ते के सम्बन्ध में इन संस्तुतियों को लागू किए जाने से 175 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वार्षिक व्यय भार आएगा।

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